पेंटागन की चेतावनी- अगर युद्ध 10 दिन और चला तो मिसाइलों की कमी से जूझेगा अमेरिका
क्या है खबर?
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध का आज 5वां दिन है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह युद्ध 4 से 5 हफ्ते तक जारी रह सकता है। हालांकि, इस बीच पेंटागन ने अमेरिका के लिए चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अगर ईरान पर अमेरिकी हमले अगले 10 दिनों तक जारी रहते हैं, तो अमेरिका के पास महत्वपूर्ण मिसाइलों का भंडार कम हो सकता है।
रिपोर्ट
टोमहॉक मिसाइलों की कमी का सामना कर रहा अमेरिका- रिपोर्ट
CNN ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका पहले से ही टोमहॉक लैंड-अटैक मिसाइलों और SM-3 इंटरसेप्टर सहित प्रमुख मिसाइल प्रणालियों की कमी का सामना कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि मिसाइलों और इंटरसेप्टर के भंडार में लगातार गिरावट के चलते अगले 24 घंटों में हमलों में भारी वृद्धि होने की आशंका है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान के मिसाइल उत्पादन केंद्रों और मानवरहित हवाई वाहनों को निशाना बना सकता है।
मिसाइलें
इन मिसाइलों की भी हो सकती है कमी
अमेरिका को पैट्रियट मिसाइलों की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। इसकी एक वजह है कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल यूक्रेन भी रूस के खिलाफ कर रहा है। विशेषज्ञों ने अल जजीरा को बताया कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के दौरान इंटरसेप्टर मिसाइलों की गंभीर रूप से कमी हो सकती है। इजरायल और यूक्रेन को दी जा रही सैन्य सहायता के कारण अमेरिकी भंडार पहले से ही दबाव में है।
अधिकारी
रिपोर्ट में दावा- ट्रंप को दी गई हथियारों की कमी से जुड़ी जानकारी
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ लंबी लड़ाई के खतरों के बारे में चेतावनी दी थी। केन ने ट्रंप को यह भी बताया था कि जरूरी हथियारों की कमी ईरानियों की जवाबी कार्रवाई को कंट्रोल करने की कोशिशों में रुकावट डाल सकती है। अल जजीरा ने बताया है कि अमेरिका के पास एडवांस्ड प्रिसिजन हथियारों और THAAD समेत जरूरी इंटरसेप्टर खत्म होने का खतरा है।
बयान
रुबियो बोले- ईरान महीने में 100 मिसाइल बना रहा
हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया था कि ईरान की उत्पादन क्षमता अमेरिका और उसके सहयोगी देशों से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा था, "वे हर महीने 100 से ज्यादा ऐसी मिसाइलें बना रहे हैं। जबकि हर महीने केवल 6 या 7 इंटरसेप्टर ही बनाए जा सकते हैं। अमेरिकी मीडिया ने यह भी दावा किया है कि पिछले साल के युद्ध के दौरान अमेरिका के पास जहाज पर लगे इंटरसेप्टर खत्म हो गए थे।