
क्यों पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद फिर से आमने-सामने हुए ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी?
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को हुए डेढ़ महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन वहां राजनीतिक तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही।
विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्हें यह हार नहीं पच रही है।
अब उन्होंने परिणाम को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है। ऐसे में बनर्जी और अधिकारी एक बार फिर से आमने-सामने आ गए हैं।
पृष्ठभूमि
सुवेंदु अधिकारी ने 17 दिसंबर को छोड़ दिया था TMC का साथ
बता दें मुख्यमंत्री बनर्जी के करीबी रहे सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी में बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के उभार से नाराज होकर 17 दिसंबर को TMC से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद 19 दिसंबर को उन्होंने मिदनापुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली में भाजपा की सदस्यता ले ली थी।
इससे बनर्जी को बड़ा झटका लगा था। हालांकि, 19 जनवरी को बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए अधिकारी को चुनौती दे दी।
टिकट
भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को दिया था बनर्जी के सामने टिकट
बनर्जी के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद भाजपा ने भी सुवेंद्र अधिकारी को नंदीग्राम से टिकट दे दिया। इसके साथ ही अधिकारी और बनर्जी के बीच तकरार शुरू हो गई।
एक तरफ जहां नंदीग्राम को अधिकारी का गढ़ माना जाता है, वहीं दूसरी ओर बनर्जी को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने में नंदीग्राम का अहम योगदान रहा है।
ऐसे में यह सीट पूरे चुनाव की हॉट सीट बन गई और सभी ने इस पर नजरें टिका दी।
परिणाम
मुख्यमंत्री बनर्जी को नजदीकी मुकाबले में करना पड़ा था हार का सामना
विधानसभा चुनाव के बाद 2 मई को मतगणना में सभी की नजरें नंदीग्राम सीट पर टिकी हुई थी। इसी बीच पहले खबर आई कि ममता बनर्जी ने अधिकारी को 1,201 वोटों से हरा दिया।
हालांकि, कुछ ही देर बाद आयोग ने घोषणा करते हुए कहा कि अधिकारी ने बनर्जी को 1,956 वोटों से हरा दिया।
इसके बाद बनर्जी ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा से मतगणना की मांग की थी, लेकिन आयोग ने इसे खारिज कर दिया।
गड़बड़ी की आशंका
बधाई संदेश में बनर्जी ने कही थी कोर्ट जाने की बात
मतगणना के बाद जनता के नाम बधाई संदेश में बनर्जी ने नंदीग्राम से अपनी हार को स्वीकार कर लिया था, लेकिन साथ ही गड़बड़ी की आशंका जताते हुए कोर्ट जाने की बात कही थी।
उन्होंने कहा था, "नंदीग्राम के लोग जो भी फैसला देते हैं, मैं उसे स्वीकार करती हूं। नंदीग्राम एक बलिदान था जिसकी बड़ी जीत के लिए आवश्यकता थी। हम राज्य जीत गए हैं, लेकिन मैं कोर्ट जाऊंगी क्योंकि मैंने सुना है कि कुछ गड़बड़ियां हुई थीं।"
याचिका
बनर्जी ने 46 दिन बाद खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा
मुख्यमंत्री बनर्जी ने मतगणना के 46 दिन बाद यानी गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए चुनाव आयोग द्वारा जारी किए परिणाम को चुनौती दे दी।
उन्होंने याचिका में कहा कि मतगणना में EVM से छेड़छाड़ करने के साथ मतगणना को बार-बार रोका गया था।
इसी तरह उनकी जीत की खबर आने के बाद कुछ गड़बड़ी हुई थी। इससे परिणाम बदल गया। इसी तरह उन्होंने अधिकारी पर भ्रष्ट आचरण का आरोप भी लगाया है।
सुनवाई
हाई कोर्ट ने 24 जून तक के लिए स्थगित की सुनवाई
मुख्यमंत्री बनर्जी की याचिका पर हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की, लेकिन कुछ देर बाद इसे 24 जून तक के लिए स्थगित कर दिया।
बनर्जी के वकील ने जस्टिस कौशिक चंदा की पीठ के समक्ष बनर्जी की चुनौती को पेश किया। इस पर जस्टिस चंदा ने याचिकाकर्ता के वकील को चुनाव याचिका की प्रतियां प्रतिवादियों को देने को कहा और मामले पर अगली सुनवाई के लिए 24 जून यानी गुरुवार का दिन निर्धारित कर दिया।
प्रतिक्रिया
बनर्जी की याचिका पर भाजपा ने दी तीखी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री बनर्जी की ओर से अधिकारी की जीत को हाई कोर्ट में चुनौती देने को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा की IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, 'आप दो बार चुनाव में कैसे हारते हैं? पहले चुनाव में और फिर एक हारे हुए व्यक्ति की तरह अदालत में जनता द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती देकर। ममता बनर्जी को नंदीग्राम की हार का दो बार अपमान सहते हुए देखना बहुत अधिक दिलचस्प होगा।'