
पश्चिम बंगाल: CBI ने पशु तस्करी मामले में TMC नेता अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पुश तस्करी मामले की जांच में सहयोग नहीं करने के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अनुब्रत मंडल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।
इससे पहले CBI ने मंडल को मामले में कार्यालय में पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं पहुंचे।
ऐसे में सुबह CBI की टीम ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मंडल राज्य के वीरभूम जिले से TMC के जिलाध्यक्ष हैं।
प्रकरण
पशु तस्करी मामले में आया था मंडल का नाम
केंद्रीय जांच ब्यूरो के अनुसार, साल 2015 से 2017 के दौरान सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से करीब 20,000 पशुओं के सिर बरामद किए थे। इन पशुओं की सीमा पार तस्करी की जा रही थी।
इसको लेकर CBI ने साल 2020 में पशु तस्करी का मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
जांच में अनुब्रत मंडल का भी नाम सामने आया था। इसको लेकर CBI ने पहले भी उनसे कई बार पूछताछ की थी।
छापेमारी
CBI ने हाल ही में की थी छापेमारी
CBI ने हाल ही में मंडल के करीबी सहयोगियों के कोलकाता और बीरभूम स्थित 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी।
इस छापेमारी में 17 लाख रुपये की नकदी, 10 मोबाइल फोन और पेन ड्राइव समेत कई अहम चीजें बरामद हुई थी। इसके अलावा CBI को वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले थे।
बता दें कि मंडल 1998 में की गई TMC की स्थापना के बाद से ही पार्टी में है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माने जाते हैं।
समन
CBI ने मंडल को भेजा था समन
CBI ने छापेमारी के बाद मंडल को सोमवार को कार्यालय में पेश होने के लिए समन भेजा था, लेकिन वह खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अस्पताल में भर्ती हो गए।
इसके बाद वह अस्पताल से शाम को बोलपुर के लिए रवाना हो गए। उनके बोलपुर रवाना होने से पहले CBI ने उन्हें नया समन भेजकर बुधवार के लिए पेश होने को कहा था, लेकिन इसके बाद भी वह खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर उपस्थित नहीं हुए।
कार्रवाई
CBI ने घर दबिश देकर किया मंडल को गिरफ्तार
सुबह CBI टीम जब मंडल के घर पहुंची तो दरवाजा नहीं खोला गया। टीम को कुछ देर बाहर खड़ा रखने बाद अंदर आने दिया गया।
टीम पीछे के रास्ते से घर में दाखिल हुई। CBI की टीम में सात लोग मौजूद थे।
इसके बाद टीम ने मंडल से करीब एक घंटे तक पूछताछ की और फिर उन्हें मेडिकल के लिए अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों के उन्हें भर्ती रखने की आवश्यकता न बताने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी
मंडल ने CBI को लिखा था पत्र
CBI का समन मिलने के बाद मंडल ने पत्र लिखकर पेशी की तारीख बढ़ाने का अनुरोध किया था। उन्होंने डॉक्टरों की पर्ची के साथ लिखा था कि डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण आराम की सलाह दी है। ऐसे में अपने घर से नहीं निकल सकते हैं।
मुश्किल
ममता बनर्जी के लिए बढ़ी मुश्किल
पशु तस्करी मामले में मंडल की गिरफ्तारी से ममता बनर्जी को कुछ ही दिनों में दूसरा झटका लगा है। वह पहले ही पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी और बड़े पैमाने पर कैश बरामद होने से दबाव में थीं।
उन्होंने खुद कड़ा कदम उठाते हुए पार्थ को मंत्री पद से हटाया था और पार्टी से भी बाहर कर दिया था।
पार्थ पर शिक्षक भर्ती घोटाले में शामिल होने का आरोप है। CBI के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच में जुटा है।