शशि थरूर ने की राहुल गांधी की तारीफ, बोले- कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहा
क्या है खबर?
कांग्रेस नेतृत्व के साथ मतभेद की खबरों के बीच शशि थरूर ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को नकारा है। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें हर कोई पसंद करता है, क्योंकि वह देश में सांप्रदायिकता, नफरत और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लगातार बोलते रहते हैं। थरूर ने एक दिन पहले यानी 29 जनवरी को ही राहुल और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की थी।
बयान
थरूर बोले- केरल में पार्टी नेतृत्व में सबसे आगे रहूंगा
थरूर ने कहा, "मैं कांग्रेस में हूं, कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं केरल में पार्टी के अभियान का हिस्सा बनूंगा और जीत के लिए काम करूंगा। केरल विधानसभा चुनावों में मैं कांग्रेस का नेतृत्व करते हुए सबसे आगे रहूंगा। लोग इस बात को नजरअंदाज करते हैं कि पिछले कई चुनावों में मैंने राज्य के 56 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया था। यह नहीं बदलेगा। मुझे उम्मीद है कि इस बार कुछ और विधानसभा क्षेत्रों के नाम शामिल हो जाएंगे।"
तारीफ
थरूर ने राहुल गांधी की तारीफ में क्या कहा?
थरूर ने राहुल को ईमानदार नेता बताते हुए कहा कि वे देश में सांप्रदायिकता जैसे विभिन्न मुद्दों पर सशक्त आवाज हैं। थरूर ने कहा, "वे एक ऐसे नेता हैं, जिनका राजनीतिक रुख साफ है। वे एक ऐसे नेता हैं, जो सांप्रदायिकता का विरोध करते हैं। मैंने राहुल के खिलाफ किसी भी गलत टिप्पणी से कभी सहमति नहीं जताई। राहुल एक ईमानदार नेता हैं। इस बारे में मेरी कोई अलग राय नहीं है।"
भाजपा
थरूर बोले- मैं भाजपा नहीं, सरकार या देश समर्थक
थरूर ने यह भी कहा कि कुछ मुद्दों पर उनके रुख को मीडिया ने शायद भाजपा समर्थक माना हो, लेकिन उन्होंने इसे सिर्फ सरकार या देश समर्थक के तौर पर देखा है। थरूर ने कहा, "जिन मामलों पर पार्टी का स्टैंड होता है, उन पर मैं राय नहीं देता। कुछ स्थितियों में निजी राय देता हूं, जब मुझे कुछ अच्छा दिखता है, तो मैं बताता हूं। मैं राजनीति की बात नहीं करना चाहता। मैं देश के लिए बोलना चाहता हूं।"
मुलाकात
थरूर ने राहुल-खड़गे से की थी मुलाकात
बीते दिन थरूर ने खड़गे और राहुल से मुलाकात की थी। करीब 2 घंटे चली इस बैठक को केरल विधानसभा चुनावों से पहले रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश के तौर पर देखा गया। बैठक के बाद थरूर ने कहा, "मैंने अपने 2 पार्टी नेताओं के साथ बातचीत की। हमारी बहुत अच्छी और सकारात्मक चर्चा हुई। सब ठीक है और हम सब एक ही पेज पर हैं। मैं और क्या कह सकता हूं।"
नाराजगी
थरूर और कांग्रेस में मतभेद की अटकलें
बताया जाता है कि केरल में 19 जनवरी को हुए 'महापंचायत' कार्यक्रम में राहुल ने न तो थरूर को सम्मानित किया और न अपने भाषण में उनका नाम लिया। कथित तौर पर इससे थरूर नाराज बताए जाते हैं। हालांकि, इससे पहले थरूर ने कांग्रेस की कई बड़ी बैठकों से दूरी बना ली थी। वे 'ऑपरेशन सिंदूर' समेत कई अन्य मुद्दों पर खुलकर केंद्र सरकार के समर्थन में बोल चुके हैं।