
महाराष्ट्र: एकनाथ शिंदे की सरकार में होंगे 45 मंत्री, अधिकतर भाजपा से- रिपोर्ट
क्या है खबर?
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में 45 मंत्री होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें से 25 मंत्री भाजपा से होंगे, वहीं 13 मंत्री शिवसेना के शिंदे गुट से होंगे। बाकी के सात मंत्री पद निर्दलीयों को दिए जाएंगे।
शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को छोड़कर ज्यादातर मंत्री नए होंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि भाजपा अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू करने से पहले नए चेहरों को आजमाना चाहती है।
फॉर्मूला
इस फॉर्मूले के तहत बांटे जाएंगे मंत्री पद
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने NDTV को बताया कि मंत्री पदों के बंटवारे को लेकर भाजपा और शिंदे गुट में बातचीत चल रही है और इसके लिए फॉर्मूला तय कर लिया गया है।
इस फॉर्मूले के तहत शिंदे गुट को हर तीन विधायकों पर एक मंत्री पद मिलेगा, वहीं भाजपा को हर चार विधायकों पर एक मंत्री पद मिलेगा।
शिंदे गुट में 40 विधायक हैं, इसलिए उसे 13 मंत्री पद मिलने की संभावना है।
इंतजार
11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लिया जाएगा अंतिम निर्णय
रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री पदों और मंत्रालयों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय 11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही लिया जाएगा।
इस दिन सुप्रीम कोर्ट को शिंदे गुट के 16 विधायकों की किस्मत तय करनी है। उद्धव ठाकरे के गुट के अनुरोध पर इन विधायकों के खिलाफ सदस्यता रद्द करने का नोटिस जारी किया गया है और सुप्रीम कोर्ट को फैसला लेना है कि ये नोटिस वैध हैं या नहीं।
इन विधायकों में शिंदे भी शामिल हैं।
बगावत
उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करके मुख्यमंत्री बने हैं शिंदे
बता दें कि एकनाथ शिंदे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करके महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने हैं।
पिछले महीने शिंदे ने शिवसेना के 54 में से 39 विधायकों के साथ बगावत कर दी थी। इस बगावत से महा विकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार अल्पमत में आ गई और 29 जून को ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद शिंदे ने 30 जून को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।
फ्लोर टेस्ट
शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर बनाई है सरकार, सोमवार को साबित किया था बहुमत
शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई है जिसके महाराष्ट्र विधानसभा में 106 विधायक हैं। इसके अलावा उन्हें 20 से अधिक निर्दलीयों का भी समर्थन हासिल है।
सोमवार को ही उन्होंने विधानसभा में अपना बहुमत साबित किया था। फ्लोर टेस्ट में उनकी सरकार के समर्थन 164 वोट पड़े थे, वहीं 99 विधायकों ने उनके खिलाफ वोट डाला था।
शिंदे शिवसेना पार्टी पर कब्जे की कोशिश में भी हैं और उद्धव ठाकरे का गुट पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है।