कोलकाता मेयर, कई सांसद और 58 विधायक; चुनावी हार के बाद TMC में इस्तीफों की झड़ी
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) से नेताओं का मोहभंग होना रुक नहीं रहा है। आज (10 जून) TMC की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसके फौरन बाद वे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ नजर आईं। अटकलें हैं कि वे भाजपा में शामिल हो सकती हैं। इससे पहले कुछ सांसदों समेत, विधायक और पार्षद तक TMC छोड़ चुके हैं।
सांसद
इस हफ्ते 2 सांसदों ने छोड़ी पार्टी
आज सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। TMC के लिए ये बड़ा झटका है, क्योंकि सुष्मिता को ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। इससे पहले सोमवार को TMC के राज्यसभा सांसद शुखेंदु शेखर रॉय ने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही उन्होंने TMC भी छोड़ दी थी। शेखर रॉय 2011 में TMC में शामिल हुए थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल में फैले भ्रष्टाचार को अपना इस्तीफा देने की वजह बताया।
अन्य सांसद
काकोली घोष का दावा- 20 सांसद NDA में जाने की तैयारी में
27 मई को लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने TMC छोड़ दी थी। बाद में उन्होंने दावा किया कि करीब 20 TMC सांसद NDAके साथ जाने की कोशिश कर रहे हैं। काकोली के साथ शताब्दी रॉय, बापी हलदर, अरूप चक्रवर्ती, जून मालिया, दीपक अधिकारी (देव), कालीपदा सरेन, जगदीश बसुनिया, असित मल, अबू ताहिर खान, खलीकुर रहमान, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी और पार्थ भौमिक हैं। कुछ सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की थी।
विधायक
58 विधायकों ने बनाया अलग गुट
इससे पहले 3 मई को TMC के 58 विधायक बागी हो गए थे और उन्होंने TMC से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुन लिया था। इन विधायकों की मांग पर स्पीकर ने ऋतब्रत को नेता विपक्ष भी घोषित कर दिया था। इस विवाद की शुरुआत कथित फर्जी हस्ताक्षर को लेकर हुई थी। इसके बाद असली बनाम नकली TMC की लड़ाई भी शुरू हो गई। ये बागी विधायक पार्टी के चुनाव चिन्ह पर भी दावा कर रहे हैं।
कोलकाता मेयर
कोलकाता मेयर ने भी पद से दिया इस्तीफा
कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने भी पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद KMC को भंग कर दिया गया और कमिश्नर स्मिता पांडे को प्रशासक नियुक्त किया गया। इसी के साथ 16 साल बाद KMC भी ममता के हाथ से निकल गई। हकीम को ममता का करीबी भी माना जाता था। वे नवंबर, 2018 में कोलकाता के मेयर बने थे। उनके भी भाजपा में जाने की अटकलें हैं।
पार्षद
सैकड़ों पार्षदों ने भी छोड़ी पार्टी
विधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने भी TMC छोड़ दी है। वे 2019 से मेयर थीं। उत्तर 24-परगना जिले के बैरकपुर नगरपालिका में अध्यक्ष समेत पार्टी के सभी 15 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया था। इसी तरह भाटपाड़ा नगरपालिका में अध्यक्ष समेत पार्टी के 30, गारुलिया में 21 में से 10, हालीशहर में 16, कांथी में 17 में से 12, डायमंड हार्बर में 16 में 8 पार्षदों ने इस्तीफे दे दिए हैं।