
मनोहर लाल खट्टर से मिले अमरिंदर सिंह, बोले- पंजाब में भाजपा के साथ मिलकर बनाएंगे सरकार
क्या है खबर?
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ मिलकर राज्य में अगली सरकार बनाएगी।
सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ मुलाकात के बाद सिंह ने कहा, "भगवान ने चाहा तो हम भाजपा और सुखदेव सिंह ढींढसा की पार्टी (शिरोमणि अकाली दल संयुक्त) के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे।"
बता दें कि कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद सिंह ने पंजाब लोक कांग्रेस नाम से नई पार्टी बनाई है।
बयान
खट्टर से मुलाकात को बताया शिष्टाचार भेंट
अमरिंदर सिंह ने खट्टर के साथ अपनी मुलाकात को शिष्टाचार भेंट करार देते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई थी।
हालांकि, यह मुलाकात ऐसे समय हुई थी, जब संसद में कृषि कानूनों को वापस लेने का विधेयक पेश किया गया था।
हरियाणा और पंजाब में किसान आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला है। ऐसे में इन दोनों नेताओं की मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।
बयान
सिंह बोले- सही चल रहा है सदस्यता अभियान
पूर्व कांग्रेस नेता से जब पूछा गया कि क्या अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कोई और नेता उनकी पार्टी में शामिल हो सकता है तो उन्होंने कहा कि सब कुछ सही चल रहा है। सदस्यता अभियान भी अच्छा चल रहा है।
जब उनसे भाजपा के साथ सीट बंटवारे को लेकर सवाल किया गया तो सिंह ने कहा कि वो दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।
जानकारी
पार्टी के रजिस्ट्रेशन को लेकर क्या बोले सिंह?
अपनी नई पार्टी के रजिस्ट्रेशन को लेकर अमरिंदर सिंह ने कहा कि कुछ दिनों में चुनाव चिन्ह मिल जाएगा। 10 दिन पहले इस दिशा में प्रक्रिया शुरू हो गई थी।
बता दें कि अमरिंदर सिंह ने खुद विधानसभा चुनावों में उतरने का ऐलान कर दिया है।
उन्होंने कहा था कि वो अपने गढ़ पटियाला से चुनाव लड़ेंगे। पटियाला 400 साल से उनके परिवार के साथ है और वे नवजोत सिंह सिद्धू के कारण इसे नहीं छोड़ सकते।
प्रतिक्रिया
किसान आंदोलन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
कृषि कानूनों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह ने कहा, "अब सब कुछ सुलझ गया है। संसद ने तीनों कानून वापस ले लिए हैं। किसानों ने कुछ दूसरे मुद्दे उठाए हैं, जिन पर भारत सरकार सहमत हो गई है। अब कोई मुद्दा नहीं बचा।"
जब किसानों पर दर्ज मामलों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्यों को इनकी समीक्षा को कहेगी तो हरियाणा, पंजाब और दूसरे राज्य ऐसे मामले वापस ले लेंगे।
पंजाब
अमरिंदर सिंह ने सितंबर में छोड़ा था मुख्यमंत्री पद
बता दें कि पंजाब कांग्रेस में खींचतान के बीच कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने 18 सितंबर को अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया था। उनका पिछले काफी समय से नवजोत सिंह सिद्धू से झगड़ा चल रहा था।
इस्तीफा देते हुए अमरिंदर ने कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व पर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया था और उसी वक्त साफ कर दिया था कि वे अपने लिए नए राजनीतिक विकल्प तलाशेंगे।
न्यूजबाइट्स प्लस
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इनमें कई पार्टियों में मुकाबला होने जा रहा है।
भाजपा के साथ मिलकर अमरिंदर सिंह और अकाली दल मायावती की बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर सत्तारूढ़ कांग्रेस को चुनौती देने की कोशिश में है।
अभी राज्य में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रही आम आदमी पार्टी (AAP) भी सबको चौंकाने का माद्दा रखती है, हालांकि कोई बड़ा चेहरा न होना पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है।