अजित NCP के दोनों गुटों का विलय करने वाले थे, फरवरी में होनी थी घोषणा- रिपोर्ट
क्या है खबर?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार के निधन के बाद नई जानकारी सामने आई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि NCP के दोनों गुटों का विलय होने जा रहा था। 8 फरवरी को इसकी आधिकारिक घोषणा होने वाली थी, लेकिन उससे पहले अजित का निधन हो गया। इंडियन एक्सप्रेस को सूत्रों ने बताया कि इसे लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी और जिला परिषद चुनाव के बाद विलय होने वाला था।
रिपोर्ट
अजित खुद कर रहे थे बातचीत का नेतृत्व
रिपोर्ट में कहा गया है कि अजित NCP गुटों के बीच अहम कड़ी थे और उन्होंने ही शरद के नेतृत्व वाले गुट के साथ बातचीत शुरू की और उसका नेतृत्व भी कर रहे थे। NCP शरद के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने कहा, "हाल के दिनों में दोनों गुट अक्सर मिल रहे थे। 16 जनवरी को हम चुनाव साथ लड़ने की बातचीत के लिए मेरे घर पर मिले थे। 17 जनवरी को शरद जी के घर पर बैठक हुई थी।"
चर्चा
NCP नेता बोले- बातचीत अभी भी जारी
NCP नेताओं ने कहा कि अजित के निधन से योजना पर अनिश्चितता आ गई है, लेकिन अंदरूनी राजनीतिक प्रक्रिया अभी भी जारी है। जयंत पाटिल और NCP (SP) प्रमुख शशिकांत शिंदे ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि विलय की बातचीत आखिरी दौर में है। वहीं, सूत्रों ने कहा कि बातचीत उस मुकाम तक पहुंच गई है, जहां संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने पर अनौपचारिक रूप से विचार किया जा रहा है।
ऐलान
8 फरवरी को होना था आधिकारिक ऐलान
NCP (शरद) के एक नेता ने कहा, "जिला परिषद नतीजों के बाद विलय की घोषणा करने की योजना थी। 8 फरवरी घोषणा के लिए संभावित तारीख थी।" बता दें कि NCP के दोनों गुटों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के नगर निगम चुनाव साथ लड़े थे। इससे सुलह को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। खुद अजित ने एक रैली में कहा था, "अगर हम साथ आते हैं तो कुछ लोगों को इससे क्या परेशानी है?"
तोहफा
शरद को जन्मदिन पर विलय का 'तोहफा' देना चाहते थे अजित
NCP (शरद) नेता अंकुश काकडे ने कहा कि अजित अपने चाचा शरद के जन्मदिन (12 दिसंबर) पर उन्हें तोहफे के तौर पर NCP के दोनों गुटों का विलय करना चाहते थे। हालांकि, दिसंबर में ये नहीं हो पाया। काकडे ने कहा, "अजित ने मुझसे कहा था कि हमें 12 दिसंबर को साथ आना था, लेकिन नहीं आ पाए। कोई बात नहीं, हम चुनाव के बाद एक साथ आएंगे। दुर्भाग्य से उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई।"
बयान
अजित के करीबी बोले- कुछ ही दिनों में विलय होने वाला था
अजित के 40 सालों से सहयोगी किरण गुजर ने कहा, "अजित दोनों गुटों को मिलाने के लिए 100 प्रतिशत राजी थे। उन्होंने मुझे 5 दिन पहले बताया था कि प्रक्रिया पूरी हो गई है और अगले कुछ दिनों में विलय होने वाला है। उन्होंने बताया था कि पवार साहब, सुप्रिया ताई और दूसरे नेताओं के साथ बातचीत चल रही है। कई अच्छी बातें होने वाली थीं, लेकिन यह दुखद घटना हो गई और अजीत 'दादा' हमसे दूर चले गए।"
टूट
NCP में कैसे हुई थी टूट?
2022 में अजित शरद के खिलाफ बगावत करते हुए कई विधायकों के साथ महायुति में शामिल हो गए थे। कथित तौर पर शरद द्वारा अपनी बेटी सुप्रिया सुले को आगे बढ़ाने से ये मतभेद हुए थे। इससे NCP 2 धड़ों में बंट गई और मामला कोर्ट तक गया। बाद में कोर्ट ने अजित के पक्ष में फैसला सुनाया और पूरी NCP पर उनका कब्जा हो गया। फिलहाल अजित की NCP महायुति और शरद गुट महाविकास अघाड़ी का हिस्सा है।