
भाजपा के साथ जारी रहेगा गठबंधन, राज्य में हमारे अधीन रहना होगा- AIADMK
क्या है खबर?
तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और भाजपा के बीच उठापटक के बावजूद गठबंधन जारी रहेगा। AIADMK के वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने ये बात कही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य में गठबंधन का नेतृत्व AIADMK करेगी।
जयकुमार ने यह बात ऐसे वक्त पर कही है, जब राज्य में AIADMK और भाजपा का गठबंधन के टूटने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हाल ही में भाजपा के कई नेता और पदाधिकारी AIADMK में शामिल हुए हैं।
बयान
तमिलनाडु में NDA का नेतृत्व करेगी AIADMK- जयकुमार
डी जयकुमार ने कहा कि राजनीति में नेताओं का पार्टी बदलना सामान्य बात है। उन्होंने पूर्व में AIADMK नेताओं के भाजपा में शामिल होने का उदाहरण देते हुए कहा कि नैनार नागेंद्रन सहित AIADMK के कई वरिष्ठ नेता भाजपा में शामिल हो गए थे।
उन्होंने कहा, "राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का नेतृत्व AIADMK करेगी। भाजपा और बाकी सहयोगी पार्टियों को हमारे अधीन रहना चाहिए। दल-बदल जैसे छोटे मुद्दों को बातचीत कर सुलझा लिया जाएगा।"
भाजपा बयान
हालिया घटनाक्रम का गठबंधन पर कोई असर नहीं- भाजपा विधायक
तमिलनाडु में भाजपा विधायक वनथी श्रीनिवासन ने भी कहा कि कुछ पदाधिकारियों के बीच इस तरह के वाकयुद्ध से दोनों पार्टियों के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, "भाजपा के एक पदाधिकारी अन्नामलाई के खिलाफ आरोप लगाने के बाद AIADMK में शामिल हो गए हैं। यह एक अप्रिय स्थिति है और इससे भाजपा नेताओं में नाराजगी है। इसके बावजूद मुझे विश्वास है कि यह घटना तमिलनाडु में NDA को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करेगी।"
वजह
दोनों पार्टियों के बीच कैसे बढ़ी कड़वाहट?
दोनों पार्टियों के बीच विवाद की शुरुआत तब हुई जब प्रदेश भाजपा के IT प्रमुख निर्मल कुमार समेत 5 नेता AIADMK में शामिल हुए। भाजपा ने इसे गठबंधन धर्म का उल्लंघन बताया था।
इसके विरोध में भाजपा नेताओं ने के पलानीस्वामी के फोटो जलाए थे, जिस पर भी खासा विवाद हुआ था।
इसके बाद भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई ने खुद की तुलना दिवगंत नेता जयललिता से की थी, जिस पर AIADMK नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
दूरी की वजह
चुनावों में हार भी गठबंधन में दूरी की वजह
दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद AIADMK और भाजपा ने गठबंधन में रहते हुए लगातार तीन चुनाव हारे हैं। हाल में हुए उपचुनाव में भी गठबंधन की हार हुई। दोनों पार्टियों के बीच मतभेद इतने बढ़ गए हैं कि उपचुनाव में दोनों ने साथ प्रचार तक नहीं किया।
बीते दिनों राज्य के दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी AIADMK प्रमुख से मुलाकात नहीं की थी।