
आंतरिक शक्ति को मजबूत बनने के लिए डॉ. बीकेएस अयंगार से सीखें ये 5 जीवन सबक
क्या है खबर?
डॉ. बीकेएस अयंगार योग के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध नाम हैं। उन्होंने अपने जीवन में योग के माध्यम से न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक और आत्मिक शक्ति को भी बढ़ाने का मार्ग दिखाया है।
उनके द्वारा सिखाए गए कुछ जरूरी जीवन पाठ हमारी आंतरिक शक्ति को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।
अयंगार ने योग के माध्यम से जीवन जीने के 5 सबक सिखाए हैं, जिनसे हम अपने भीतर की शक्ति को पहचान सकते हैं।
#1
नियमित अभ्यास करें
अयंगार का मानना था कि नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी होती है। चाहे वह योग हो या कोई अन्य काम, नियमितता बनाए रखना बहुत जरूरी होती है।
इससे न केवल शरीर मजबूत होता है, बल्कि मन भी स्थिर रहता है। हर दिन थोड़े समय के लिए भी अगर आप किसी गतिविधि को पूरी लगन और मेहनत से करते हैं, तो उसका असर जल्द दिखाई देता है और लंबे समय तक रहता है।
#2
सांस पर ध्यान दें
अयंगार ने हमेशा सांस की अहमियत पर जोर दिया। उनका कहना था कि सही तरीके से सांस लेना हमारे शरीर और मन दोनों को संतुलित करता है।
गहरी और धीमी सांसें लेने से तनाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है। यह एक सरल लेकिन असरदार तरीका है, जिससे आप अपनी आंतरिक शक्ति को बढ़ा सकते हैं।
सही तरीके से सांस लेने का अभ्यास ध्यान केंद्रित करने में भी मदद करता है, जिससे हमारी कार्यक्षमता बढ़ती है।
#3
धैर्य रखें
धैर्य रखना एक अहम गुण है, जिसे अयंगार ने हमेशा अहमियत दी। किसी भी काम में सफलता पाने के लिए धैर्य जरूरी होता है।
जल्दबाजी या अधीरता से काम बिगड़ सकता है, इसलिए धीरे-धीरे और संयमित तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। धैर्य रखने से हम अपनी गलतियों से सीख सकते हैं और उन्हें सुधार सकते हैं।
यह हमें मानसिक शांति देता है और हमें अपने लक्ष्यों की ओर स्थिरता से बढ़ने में मदद करता है।
#4
सकारात्मक सोच अपनाएं
अयंगार का मानना था कि सकारात्मक सोच हमारी आंतरिक शक्ति को बढ़ाती है। नकारात्मक विचारों से दूर रहकर हम अपने लक्ष्यों की ओर बेहतर तरीके से अग्रसर हो सकते हैं।
सकारात्मक नजरिया रखने से आत्मविश्वास बढ़ता है और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है।
जब हम सकारात्मक सोचते हैं, तो हमारी ऊर्जा और उत्साह में वृद्धि होती है, जिससे हम कठिन परिस्थितियों में भी स्थिर रह सकते हैं और अपने जीवन को संतुलित बना सकते हैं।
#5
स्व-अनुशासन बनाए रखें
अयंगार मानते थे कि स्व-अनुशासन किसी भी व्यक्ति की सफलता का आधार होता है। अनुशासन हमें सही दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है और हमारे लक्ष्यों तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करता है।
चाहे वह खान-पान हो, नींद हो या दिनचर्या, हर क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखना जरूरी होता है।
इन उपायों को अपनाकर हम अपनी आंतरिक शक्ति को मजबूत बना सकते हैं और जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।