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एड़ियों की परेशानियों को दूर करने में सक्षम हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास
एड़ियों के दर्द से राहत दिलाने में सहायक हैं ये योगासन

एड़ियों की परेशानियों को दूर करने में सक्षम हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास

लेखन अंजली
Jul 23, 2021
06:45 am

क्या है खबर?

कई लोग एड़ी में मोच या दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं। यह बाद में परेशानी का कारण बन जाता है और कई बार इनके कारण फिजियोथेरेपी सेशन लेने की जरूरत पड़ जाती है। अगर आप भी ऐसी किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो आप कुछ योगासनों के माध्यम से इनसे राहत पा सकते हैं। आइए आज आपको कुछ ऐसे योगासनों के अभ्यास का तरीका बताते हैं जो एड़ियों की परेशानियों को दूर करने में सक्षम हैं।

#1

मलासन

मलासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले योग मैट पर अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर और कंधे की सीध से बाहर की तरफ फैलाकर बैठ जाएं।

ध्यान रहें कि बैठते समय कमर का ऊपरी भाग सीधा होना चाहिए।

इस अवस्था में आने के बाद शरीर मल त्यागने वाली मुद्रा में दिखाई देने लगेगा। अब अपने दोनों हाथों को नमस्कार मुद्रा में जोड़ लें।

कुछ मिनट इसी मुद्रा में रहने की कोशिश करें और फिर आसन को छोड़ दें।

#2

बद्धकोणासन

इस योगासन के लिए पहले योगा मैट पर अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं।

अब अपने दोनों पैरों को मोड़कर अपने दोनों तलवों को आपस में मिला लें।

इसके बाद दोनों हाथों से तलवों को पकड़ लें और अपने दोनों घुटनों को आराम-आराम से तितली के पंखों की तरह ऊपर-नीचे करें।

इस दौरान सामान्य गति से सांस लेते रहें। कुछ सेकंड के बाद आसन को धीरे-धीरे छोड़ दें।

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#3

उष्ट्रासन

उष्ट्रासन के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और फिर घुटनों के बल ही खड़े हो जाएं।

अब सामान्य रूप से सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें और दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर और बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखने की कोशिश करें।

इस मुद्रा में कम से कम एक-दो मिनट रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। कुछ मिनट विश्राम के बाद दोबारा इसका अभ्यास करें।

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#4

गोमुखासन

गोमुखासन के लिए पहले योगा मैट पर दंडासन की मुद्रा में बैठें।

अब अपने दाएं पैर को मोड़ें और इसे बाईं जांघ के ऊपर से ले जाते हुए बाएं नितंब के पास रखें। इसी तरह अपने बाएं पैर को मोड़ते हुए दाईं जंघा के नीचे से दाएं नितंब के पास जमीन पर रखें।

इसके बाद अपने दोनों हाथों को कोहनी से मोड़ते हुए उन्हें पीठ के पीछे आपस में पकड़ने का प्रयास करें। कुछ देर इसी अवस्था में बने रहें।

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