
थकावट को दूर करने में मदद कर सकते हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास
क्या है खबर?
आमतौर पर थकान को दूर करने के लिए लोग चाय या फिर कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय का सेवन करते हैं, लेकिन इनसे स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता है।
इसकी बजाय योग को आप अपनी थकावट दूर करने का जरिया बना सकते हैं। यह आपके शरीर को आराम देने समेत अन्य कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने में मदद कर सकता है।
आइए आज पांच ऐसे योगासनों के बारे में जानते हैं, जिनका अभ्यास थकावट को छूमंतर कर सकता है।
#1
बालासन
सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन की मुद्रा में बैठें और गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं, फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुककर माथे को जमीन से सटाएं।
इस अवस्था में दोनों हाथ सामने, माथा जमीन से टिका हुआ और छाती जांघों पर रहेगी। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहकर सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
इसके बाद सांस लेते हुए धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।
#2
विपरीतकरणी आसन
विपरीतकरणी आसन के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठा कर 90 डिग्री का कोण बना लें। ध्यान रखें कि आपके तलवे ऊपर की ओर होने चाहिए।
इसके बाद अपने नितंब को ऊपर उठाने की कोशिश करें। इस मुद्रा में कम से कम दो-तीन मिनट तक रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।
इसके बाद दोबारा इस योगासन का अभ्यास करें।
#3
मकरासन
मकरासन के लिए पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को मोड़कर कोहनियों की नोक को जमीन पर टिकएं।
अब अपने सिर को थोड़ा आगे झुकाकर अपनी ठुड्डी को अपनी दोनों हाथों की हथेलियों पर रखें।
इसके बाद सांस भरते हुए अपने दाएं पैर को मोड़ें और फिर सांस को छोड़ते हुए इसे सीधा कर लें।
इस प्रक्रिया को दूसरे पैर से भी इसी तरह दोहराकर कुछ मिनट बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।
#4
सुप्त बद्धकोणासन
सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेटकर अपने दोनों हाथों और पैरों को अपनी क्षमतानुसार फैला लें।
अब पैरों को घुटनों से मोड़कर अपने दोनों तलवों को आपस में मिला लें। इस दौरान अपनी दोनों आंखों को बंद करके सामान्य गति से सांस लेते रहें। कुछ सेकंड के बाद आसन को धीरे-धीरे छोड़ दें।
आप चाहें तो अपनी पीठ के नीचे सपोर्ट के लिए कोई मुलायम तकिया भी रख सकते हैं।
#5
शवासन
सबसे पहले योग मैट पर आराम मुद्रा में लेट जाएं और आंखें बंद कर लें।
अब दोनों हथेलियों को शरीर से लगभग एक फीट की दूरी पर रखें। इसके अलावा पैरों को भी एक-दूसरे से लगभग दो फीट की दूरी पर रखें।
फिर धीरे-धीरे सांसें लें और पूरा ध्यान सांस पर लगाने की कोशिश करें। कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहने के बाद आखों को धीरे-धीरे खोलें।
अंत में दाईं ओर करवट लेकर उठें और आसन को छोड़ दें।