
भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव 4 जुलाई को, IOA ने शुरू की तैयारियां
क्या है खबर?
भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के चुनाव 4 जुलाई को होंगे और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
IOA ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस महेश मित्तल कुमार को WFI चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया है।
बता दें कि WFI के नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराना मौजूदा WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों की एक प्रमुख मांग थी।
आश्वासन
खेल मंत्री ने दिया था चुनाव करवाने का आश्वासन
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने 7 जून को पहलवानों से मुलाकात करने के बाद 30 जून तक WFI के चुनाव करवाने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि दिल्ली पुलिस 15 जून तक बृजभूषण के खिलाफ चार्जशीट दायर करेगी।
ठाकुर ने बताया था कि महिला पहलवानों की शिकायतों की सुनवाई के लिए जल्द ही कुश्ती संघ में एक आंतरिक समिति बनाई जाएगी।
खेल मंत्री से आश्वासन मिलने के बाद अपने पहलवानों ने आंदोलन को स्थगित कर दिया था।
चेतावनी
UWW ने दी थी चुनाव न होने पर WFI को निलंबित करने की चेतावनी
कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने पहलवानों के प्रदर्शन के मद्देनजर हाल ही में WFI को निलंबित करने की चेतावनी दी थी।
UWW ने कहा था कि अगर 45 दिन के भीतर WFI के चुनाव नहीं कराए गए तो WFI को बर्खास्त किया जा सकता है।
बता दें कि UWW ने एक बयान जारी कर पहलवानों के आरोपों की गहन और निष्पक्ष जांच करने का आग्रह भी किया था।
कार्यकाल
2011 में पहली बार WFI के अध्यक्ष बने थे बृजभूषण
बृजभूषण 2011 से लगातार 3 बार WFI के अध्यक्ष का पद संभाल चुके हैं। हालांकि, उन्होंने इस बार चुनाव नहीं लड़ने की बात कही है।
पहलवानों की मांग है कि बृजभूषण के किसी परिजन या अन्य किसी करीबी को भी WFI अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड़ने दिया जाना चाहिए।
दरअसल, अटकलें लगाई जा रही हैं कि बृजभूषण अपनी जगह बेटे प्रतीक भूषण सिंह को चुनाव के लिए आगे कर सकते हैं।
देरी
पहले 7 मई को होने थे WFI के चुनाव
बता दें कि पहले 7 मई को WFI के चुनाव होने थे, जिन्हें खेल मंत्रालय ने अगले आदेश तक रद्द कर दिया था। खेल मंत्रालय ने पहलवानों के प्रदर्शन के चलते यह फैसला लिया था।
इसके बाद IOA ने भी WFI के अधिकारियों को किसी भी तरह के प्रशासनिक कार्य करने से रोक दिया था। फिलहाल 3 सदस्यों की समिति WFI का कामकाज संभाल रही है। चुनाव में देरी की वजह इन सभी कारणों को माना जा रहा है।
मामला
क्या है पूरा मामला?
एक नाबालिग पहलवान समेत 7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इसे लेकर पहलवानों ने जनवरी में भी प्रदर्शन किया था। तब जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी। इस जांच में लेटलतीफी के चलते अप्रैल में पहलवान फिर से धरने पर बैठ गए थे।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण पर 2 FIR दर्ज की हैं और विशेष जांच दल (SIT) मामले की जांच कर रहा है।