किसानों-व्यापारिक संगठनों का भारत बंद, देशभर में छिटपुट असर; क्या बंद और क्या खुला?
क्या है खबर?
देश के 10 बड़े व्यापारिक संगठनों और किसानों की ओर से आज भारत बंद बुलाया गया है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने दावा किया है कि इस हड़ताल में करीब 30 करोड़ मजदूर हिस्सा ले रहे हैं। इससे देशभर में बैंक, सरकारी कार्यालय, बाजार और परिवहन सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। ये बंद केंद्र सरकार की कथित किसान और व्यापारी विरोधी नीतियों के खिलाफ बुलाया गया है।
वजह
व्यापारिक संगठनों ने क्यों बुलाया बंद?
व्यापारिक संगठन 2025 में लागू किए गए 4 नए श्रम कानूनों का विरोध कर रही हैं, जिन्होंने 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह ली है। संगठनों का कहना है कि यह नए कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और कंपनियों को कर्मचारियों को निकालने की खुली छूट देते हैं। आरोप है कि इससे रोजगार सुरक्षा कम हो गई है। यूनियनों के अनुसार, यह हड़ताल 600 से अधिक जिलों को प्रभावित करेगी।
किसान
किसानों ने क्यों बुलाया है बंद?
किसान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस समझौते में किसानों को हितों को दरकिनार किया गया है और अमेरिका को भारतीय बाजार में खुली छूट दी गई है, जिससे किसान प्रभावित होंगे। किसान मुख्य रूप से सेब आयात पर टैरिफ की कटौती, जेनेटिकली मोडिफाइड मक्का के आयात की अनुमति और अन्य कृषि उत्पादों पर अमेरिका को मिली रियायत का विरोध कर रहे हैं।
ओडिशा
ओडिशा के बालासोर में तनाव
भारत बंद के दौरान ओडिशा में बवाल की खबर है। बताया जा रहा है कि ओडिशा के बालासोर में एक शॉपिंग मॉल खुला रहने को लेकर विवाद हो गया है, जिसके बाद तनाव बढ़ गया। OTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित तौर पर प्रदर्शनकारी मॉल बंद कराने की मांग करने लगे और जबरन मॉल में घुस गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई। मौके पर पुलिस बल तैनात हैं।
असर
कहां-कहां दिखा बंद का असर?
ओडिशा में भारत बंद का असर दिख रहा है। ट्रेड यूनियन की ओडिशा स्टेट कमेटी ने देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया है। पश्चिम बंगाल में भी यातायात पर असर दिख रहा है। कोलकाता की खाली पड़ी सड़कों की तस्वीरें सामने आई हैं। केरल में भी छिटपुट असर देखने को मिल रहा है। केरल सरकार ने भारत बंद में शामिल होने को लेकर अपने कर्मियों को चेताया है। सरकार ने कहा कि अगर कर्मचारी बंद में शामिल हुए तो वेतन कटेगा।
बयान
बंद को मिला राहुल गांधी का समर्थन
राहुल गांधी ने लिखा, 'आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक की आवाज बुलंद करने सड़कों पर हैं। मजदूरों को डर है कि 4 श्रम संहिताएं उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी। किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा। जब उनके भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, उनकी आवाज को नजरअंदाज किया गया। क्या मोदीजी अब सुनेंगे? मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूं।'