
चीन के साथ सैन्य गतिरोध पर बोले राजनाथ सिंह- बातचीत अच्छी चल रही, समाधान की उम्मीद
क्या है खबर?
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ सैन्य गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि दोनों पक्षों की वार्ता अच्छी चल रही है। उन्होंने लंबे समय से जारी विवाद के समाधान की उम्मीद जताई।
सिंह ने एक साक्षात्कार में यह भी कहा कि भारत चीन से लगी सीमा पर तेज गति से बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है और देश की सीमाएं सुरक्षित रहेंगी।
बयान
क्या बोले सिंह?
जब सिंह से पूछा गया कि क्या उन्हें सकारात्मक परिणाम और दोनों सेनाओं के बीच लगभग 4 साल से चली आ रही तनातनी के खत्म होने की उम्मीद है तो उन्होंने कहा, "अगर कोई उम्मीद नहीं थी तो बातचीत क्यों की जाए। उन्हें (चीन को) भी उम्मीद है और इसीलिए बातचीत हो रही है।"
उन्होंने बातचीत प्रक्रिया की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिक जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है।
कांग्रेस
सिंह ने कांग्रेस पर भी साधा निशाना
सिंह ने पूर्वी लद्दाख गतिरोध पर सरकार पर लगातार निशाना साधने के लिए कांग्रेस पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "वे (कांग्रेस) भारतीय सैनिकों की बहादुरी पर सवाल उठा रहे हैं। आप किसका मनोबल गिरा रहे हैं? आपका इरादा क्या है? मैं 1962 में भी वापस जा सकता हूं।"
इससे पहले अहमदाबाद में भी एक चुनावी कार्यक्रम में सिंह ने कहा था कि भारत और चीन के बीच बातचीत सुचारू रूप से चल रही है।
पाकिस्तान
पाकिस्तानी नेता द्वारा राहुल गांधी की तारीफ पर भी बोले सिंह
सिंह ने कहा, "पाकिस्तान के पूर्व मंत्री चौधरी फवाद हुसैन का राहुल गांधी की तारीफ करना बड़ी चिंता का विषय है। कांग्रेस को अपने नेता के प्रति ऐसे देश के 'अगाध प्रेम' पर स्पष्टीकरण देना चाहिए, जो हमेशा भारत को अस्थिर करने का प्रयास करता है। एक ऐसे देश से इस अगाध प्रेम के पीछे कोई वजह जरूर होगी जो भारत को अस्थिर करने का प्रयास करता रहा है। भारत इस प्यार के पीछे की वजह जानना चाहता है।"
विवाद
गलवान घाटी हिंसा के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव
जून, 2020 में गलवान घाटी में हुई भीषण झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में काफी गिरावट आई है। भारत का कहना है कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति नहीं होगी, तब तक चीन के साथ संबंध सामान्य नहीं हो सकते।
विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों ने फरवरी में उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता का आखिरी दौर आयोजित किया था। दोनों पक्ष अब तक 4 बिंदुओं पर पीछे हटने पर सहमत हुए हैं।