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झारखंड: रास्ता बदलना चाहती थी एयर एंबुलेंस, 23 मिनट में टूटा संपर्क; ये बातें आई सामने
झारखंड से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है

झारखंड: रास्ता बदलना चाहती थी एयर एंबुलेंस, 23 मिनट में टूटा संपर्क; ये बातें आई सामने

लेखन आबिद खान
Feb 24, 2026
09:49 am

क्या है खबर?

23 फरवरी की रात झारखंड के रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस हादसे का शिकार हो गई। एंबुलेंस में सवार मरीज समेत सभी 7 लोगों की मौत हो गई। सामने आया है कि एंबुलेंस का उड़ान भरने के 20 मिनट बाद ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया। इसके बाद चतरा जिले में क्रैश हो गई। आइए जानते हैं घटना के बारे में क्या-क्या पता है।

टाइमलाइन

शाम 7:11 बजे विमान ने भरी थी उड़ान

चार्टर्ड विमान ने शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। नागरिक उड्डयन निदेशालय (DGCA) ने बताया कि विमान का कोलकाता से संपर्क शाम 7:34 बजे टूट गया था। DGCA ने कहा, "दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट C90 विमान ने वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में कोलकाता से संचार और रडार संपर्क खो दिया। इसके तुरंत बाद, झारखंड के सिमरिया के पास जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।"

अनुरोध

विमान ने रास्ता बदलने का किया था अनुरोध

DGCA ने बताया कि विमान ने शाम 7:30 बजे खराब मौसम का हवाला देते हुए वैकल्पिक मार्ग की तलाश में कोलकाता से संपर्क स्थापित किया था और रास्ता बदलने की अनुमति मांगी। इसके कुछ ही देर बाद विमान का कोलकाता ATC से संपर्क और रडार कनेक्शन टूट गया। फिर विमान क्रैश हो गया। विमान जहां गिरा, वहां काफी जंगल है। इस वजह से हादसे बचाव टीमों को घटनास्थल पर पहुंचने में भी परेशानी हुई।

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बयान

रात 10 बजे मिली हादसे की सूचना

स्थानीय SP सुमित कुमार ने समाचार एजेंसी ANI को बताया, "हमें करीब रात 10 बजे दुर्घटना की सूचना मिली। इलाके की वजह से यहां पहुंचना मुश्किल था। दिल्ली की टीम जांच के लिए यहां आएगी और ब्लैक बॉक्स बरामद करने की कोशिश करेगी। कुल 7 लोगों की मौत हुई है।" DGCA ने जांच शुरू कर दी है और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की एक टीम भी दुर्घटनास्थल पर जा चुकी है।

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मरीज

आग में झुलसे मरीज को दिल्ली ले जा रहा था विमान

रांची के देवकमल अस्पताल के CEO अनंत सिन्हा ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि एयर एंबुलेंस का इंतजाम एक मरीज ने किया था। उन्होंने कहा, "लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले मरीज संजय कुमार को 16 फरवरी को 65 प्रतिशत जली हुई अवस्था में भर्ती किया गया था। उनका इलाज चल रहा था। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का फैसला किया। मरीज को लगभग 4.30 बजे अस्पताल से ले जाया गया।"

मृतक

मृतकों के बारे में क्या-क्या पता है?

विमान में कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट), कैप्टन सबराजदीप सिंह (सह-पायलट), संजय कुमार (मरीज), अर्चना देवी (परिजन), धूरू कुमार (परिजन), विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर), सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ) सवार थे। इन सभी की मौत हो गई है। रेडबर्ड एविएशन के प्रबंध निदेशक अक्षय कुमार ने इंडिया टुडे से कहा, "बारामती हादसे के बाद हमारे विमानों का विशेष ऑडिट किया गया था। दोनों पायलट काफी अनुभवी थे। हम AAIB के संपर्क में हैं। उनकी टीम हमारे कार्यालय का दौरा करेगी।"

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