अजित पवार के भतीजे बोले- विमान हादसा बड़ी साजिश, नागरिक उड्डयन मंत्री को हटाया जाए
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP शरद) के विधायक रोहित पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू को पद से हटाने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। रोहित ने मामले में बड़ी साजिश होने की आशंका जताते हुए कहा कि यह हादसा साधारण दुर्घटना नहीं हो सकता।
पेट्रोल
रोहित बोले- विमान में पेट्रोल के डिब्बे रखे थे
रोहित ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फेंस कर जानकारी दी। उन्होंने कहा, "विमान में सामान रखने वाली जगह पर अतिरिक्त पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे, जिससे आग भड़की। सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। अगर साजिश की बात करें तो यह 2 तरह की हो सकती है, राजनीतिक या व्यावसायिक। अभी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में किस तरह की साजिश शामिल है।"
कंपनी
रोहित ने कहा- VSR कंपनी और प्रभावशाली लोगों के बीच संबंध
रोहित ने कहा, "VSR का धंधा अभी भी चल रहा है, उसके विमान उड़ रहे हैं। VSR किसी नियम का पालन नहीं कर रहा था। उसे कोई डर नहीं है, क्योंकि उसके पीछे ताकतवर लोग हैं। अभी तक इस मामले में कोई प्राथमिक रिपोर्ट नहीं आई है, आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। कंपनी के कारोबार को दुबई और अमेरिका शिफ्ट करने की कोशिश हो रही है। VSR को प्रभावशाली लोगों का समर्थन मिला हुआ है।"
आरोप
रोहित के बड़े आरोप
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू की पार्टी और VSR कंपनी के बीच संबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। इनकी जांच किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से कराई जानी चाहिए। अगर निष्पक्ष जांच करनी है तो पहले नागरिक उड्डयन मंत्री से इस्तीफा लिया जाए। दुर्घटना के समय एक नहीं, कई धमाके हुए थे। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की रिकॉर्डिंग क्षमता केवल 30 मिनट थी, लेकिन नियम है कि ये क्षमता 2 घंटे होनी चाहिए।
मांग
रोहित बोले- केवल मोदी और शाह ही दे सकते हैं न्याय
रोहित ने कहा, "अगर अजीत दादा को न्याय मिल सकता है, तो वो नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही दे सकते हैं। मैं दोनों से विनती करता हूं। आपने हमेशा अजित दादा और उनके देश के प्रति योगदान का सम्मान किया है। अजित दादा ने देश और महाराष्ट्र के लिए योगदान दिया है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। इसलिए मेरा अनुरोध है कि जांच पूरी होने तक राम मोहन नायडू से मंत्री पद से इस्तीफा लेने को कहा जाए।"
हादसा
28 जनवरी को क्रैश हुआ था अजित का विमान
अजित 28 जनवरी को निजी विमान से मुंबई से बारामती जा रहे थे। उनके साथ निजी सुरक्षा अधिकारी और पायलट समेत 4 और लोग थे। विमान ने मुंबई से सुबह 8:10 बजे उड़ान भरी और बारामती में 8:30 पर लैंडिंग का पहला प्रयास किया। तब पायलट ने दृश्यता कम होने के चलते दोबारा उड़ान भर ली। 8:43 पर दोबारा लैंडिंग की अनुमति मिलने के एक मिनट बाद अजित का विमान क्रैश हो गया और सवार सभी लोग मारे गए।