
अमरावती केमिस्ट हत्याकांड में NIA का बड़ा खुलासा, कहा- तबलीगी जमात से जुड़े थे हत्यारे
क्या है खबर?
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अमरावती में केमिस्ट की हत्या मामले में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि तबलीगी जमात से जुड़े कट्टरपंथियों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया था।
NIA ने बीते शुक्रवार को इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
इसमें कहा गया है कि इरफान खान और मौलवी मुशफिक ने आरोपियों को केमिस्ट की हत्या के लिए उकसाया था और केमिस्ट की हत्या का यह दूसरा प्रयास था।
घटनाक्रम
क्या था पूरा मामला ?
अमरावती के रहने वाले केमिस्ट उमेश प्रह्लादराव कोल्हे की 21 जून को हत्या कर दी गई थी।
वो अपनी दुकान से घर जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में बाइक पर आए हमलावरों ने उनकी गर्दन पर चाकू से वार किया था। इलाज के दौरान कोल्हे ने दम तोड़ दिया।
शुरुआती जांच में पता चला कि नुपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने से नाराज आरोपियों ने कोल्हे की हत्या की थी, जिसके बाद यह जांच NIA को सौंपी गई।
चार्जशीट
NIA ने अपनी चार्जशीट में क्या कहा ?
NIA के मुताबिक, यह आतंकी समूह ''गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा'' जैसी बातों से बहुत प्रभावित था।
कोल्हे की हत्या के ठीक एक हफ्ते बाद ही उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की हत्या की गई थी और आरोपियों ने कन्हैया का सिर काट दिया था।
यह दोनों घटनाएं नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान के बाद हुई थीं। कट्टरपंथियों ने उन लोगों को निशाना बनाया जो इस बयान का समर्थन करते थे।
खुलासा
डॉक्टर दोस्त ने ही रची हत्या की साजिश
NIA की चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी यूसुफ खान ने इस हत्या की साजिश रची थी, जो पेशे से वेटनरी डॉक्टर है। व्हाट्सऐप ग्रुप पर कोल्हे के खिलाफ उसने ही लिखना शुरू किया। वह कोल्हे का दोस्त भी था।
यूसुफ ने कोल्हे की एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट लेकर इरफान के बनाए व्हाट्सऐप ग्रुप समेत अन्य कई ग्रुप में शेयर किया। इस मैसेज के शेयर होने के बाद ही कोल्हे की हत्या की साजिश रची गई।
खुलासा
कोल्हे की हत्या के बाद आरोपियों ने मनाया जश्न- NIA
NIA के मुताबिक, 19 जून को मुख्य आरोपी मोहम्मद शोएब, आतिब रशीद, इरफान और शहीम अहमद ने गौसिया हॉल में मिलकर कोल्हे का मारने का फैसला कर लिया था।
चार्जशीट के अनुसार, इरफान ने सबको हत्या के वक्त मोबाइल फोन अपने पास न रखने और अपना चेहरा ढकने की हिदायत दी थी। इरफान के नेतृत्व में ही यह पूरा आतंकी समूह तैयार हुआ और कोल्हे की हत्या के बाद सभी ने मिलकर जश्न मनाया था।