इंजन फेल हुआ या रनवे दिखाई नहीं दिया? अजित पवार विमान हादसे के संभावित कारण
क्या है खबर?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का 28 जनवरी को विमान हादसे में निधन हो गया था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) फिलहाल घटना के कारणों की जांच कर रहा है। इस बीच विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले के वीडियो और हवाई अड्डे की स्थितियों के आधार पर विशेषज्ञ हादसे की संभावित वजहों को लेकर कयास लगा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इंजन फेल, रनवे का देरी से दिखाई देना या वायुगतिकीय ठहराव संभावित कारण हो सकते हैं।
वायुगतिकीय ठहराव
वायुगतिकीय ठहराव
वायुगतिकीय ठहराव (एरोडायनेमिक स्टॉल) का मतलब ऐसी स्थिति से है, जब विमान की गति या झुकाव ऐसा होता है कि पंख विमान को ऊपर नहीं उठा पाते। अजित जिस लियरजेट 45 विमान में सवार थे, उसका ईंजन पंखों के बजाय पिछले हिस्से में था। इसके चलते वायुगतिकीय ठहराव और धीमी गति की स्थिति में विमान के लिए दोबारा ऊंचाई हासिल करना मुश्किल हो जाता है और वो जमीन से टकरा जाता है।
पूर्व घटनाएं
वायुगतिकीय ठहराव के चलते क्या पहले भी हुए हैं हादसे?
2021 में कैलिफोर्निया में बॉम्बार्डियर चैलेंजर 605 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इसके पीछे अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) ने वायुगतिकीय ठहराव को जिम्मेदार बताया था। इस विमान का इंजन भी पीछे था। 2014 से कम से कम 3 विमान दुर्घटनाओं में वायुगतिकीय ठहराव को संभावित कारण माना गया है। 2014 में मैरीलैंड में फेनोम 100, 2017 में न्यू जर्सी में लियरजेट 35A और 2021 में कैलिफोर्निया में चैलेंजर 605 के दुर्घटनाग्रस्त होने में वायुगतिकीय ठहराव को जिम्मेदार माना गया।
बयान
क्या कह रहे हैं जानकार?
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, "विमान के उड़ने के लिए 4 बल जरूरी होते हैं- लिफ्ट, भार, थ्रस्ट और ड्रैग। लगता है कि कम गति के कारण विमान ने क्रिटिकल एंगल ऑफ अटैक पार कर लिया, जिससे ड्रैग बढ़ा और लिफ्ट कम हो गई। इसके चलते विमान का अगला हिस्सा बाईं ओर झुक गया। इस स्थिति में स्टिक शेकर (वायुगतिकीय ठहराव की स्थिति में चेतावनी देने वाला यंत्र) सक्रिय हो गया होगा।"
इंजन फेल
क्या विमान का इंजल फेल हो गया था?
वीडियो के आधार पर जानकार इंजन खराब होने की संभावना भी जता रहे हैं, क्योंकि विमान एक ओर झुक गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि एक इंजन फेल होने की स्थिति में पंख पर प्रोपेलर ब्लास्ट का असर खत्म हो जाता है और विमान बंद इंजन की ओर झुकने लगता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी संभावना कम है, क्योंकि लैंडिंग की अनुमति मिलने और दुर्घटना होने के भीतर कोई आपातकालीन मैसेज नहीं भेजा गया।
रनवे
पायलट को नहीं दिखाई दिया रनवे?
बारामती हवाई अड्डे पर नेविगेशन उपकरण नहीं है और पायलट को लैंडिंग के लिए दृश्यता पर निर्भर रहना पड़ता है। सुरक्षा विशेषज्ञ अमित सिंह ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, "पायलट को रनवे साफ दिखना चाहिए। सवाल उठता है कि कम दृश्यता के बावजूद लैंडिंग की अनुमति किसने और किस आधार पर दी? लगता है कि आखिरी पलों में सूरज की सीधी किरणों ने दृश्यता को प्रभावित किया और पायलट को देर से पता चला कि विमान रनवे पर नहीं है।"