सोना महापात्रा का बादशाह पर सीधा वार- उदास चेहरा बनाकर 'हरियाणा का बेटा' कहना काफी नहीं
क्या है खबर?
मशहूर गायिका सोना महापात्रा ने फिर संगीत जगत में महिलाओं के चित्रण को लेकर मोर्चा खोल दिया है। इस बार उनके निशाने पर आए हैं रैपर बादशाह। सोना ने बादशाह के नए गाने 'टटीरी' की कड़ी आलोचना करते हुए उन पर महिलाओं के 'वस्तुकरण' का गंभीर आरोप लगाया है। सोना ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इंडस्ट्री में केवल व्यूज और लोकप्रियता के लिए महिलाओं को कमतर दिखाने की मानसिकता पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
टिप्प्णाी
सोना ने बादशाह के कंटेंट को बताया 'घिसा-पिटा'
अपने गाने 'टटीरी' के लिए भारी विरोध का सामना कर रहे रैपर बादशाह पर अब सोना ने भी तीखा हमला बोला है। सोना ने पॉप संगीत में बार-बार 'महिला विरोधी' रूपकों के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कलाकारों को उनके सांस्कृतिक प्रभाव की याद दिलाते हुए कहा कि उन्हें अपने काम के जरिए समाज पर पड़ने वाले असर की अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। सोना ने बिना किसी झिझक के इंस्टाग्राम पर बादशाह के कंटेंट को 'घिसा-पिटा' बताया।
आलोचना
बादशाह के गाने के बोलों को बताया 'बकवास स्वैग'
सोना ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'ये पहली बार नहीं, जब हम ये टेम्पलेट देख रहे हैं। एक आदमी अपनी छाती फुलाता है, मर्दानगी प्रदर्शित करता है, महिलाओं को वस्तु बनाता है और खुद को एक ऐसे अजेय नायक के रूप में पेश करता है, जिसके चारों ओर महिलाएं सिर्फ लार टपकाने के लिए होती हैं।' उन्होंने ऐसे गानों के बोलों का मजाक उड़ाते हुए इन्हें 'तू मुझपे मरती है, मुझपे जान छिड़कती है' जैसे 'बकवास स्वैग' की श्रेणी में रखा।
प्रहार
'हरियाणा का बेटा' कहकर गलतियां नहीं छिपेंगी: सोना महापात्रा
सोना ने इसे रचनात्मकता के बजाय पॉप संस्कृति का सबसे 'कामचोर और आलसी तरीका' करार दिया। उन्होंने आगे लिखा, 'खुद को केवल हरियाणा का बेटा बता देने से आप अपनी गलतियों को सही नहीं ठहरा सकते। उदास चेहरा बनाकर खुद को 'हरियाणा का बेटा' कहना काफी नहीं है (इससे बात नहीं बनेगी)।' सोना ने बादशाह को याद दिलाया कि हरियाणा पहले से ही गंभीर लैंगिक समस्याओं से जूझ रहा है।
जिम्मेदारी
सोना ने कलाकारों की जिम्मेदारी पर दिया जोर
सोना ने अपने पोस्ट में लिखा कि हरियाणा देश के सबसे खराब लिंगानुपात, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और 'ऑनर किलिंग' जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में कलाकारों के काम का समाज पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कलाकार लोगों की कल्पनाओं को आकार देते हैं। उनके पास 2 विकल्प होते हैं या तो वे 'महिला-विरोध' को चुनौती दें या फिर उससे मुनाफा कमाएं। उन्होंने बादशाह और उनके साथियों को बेहतर काम करने की सलाह दी।
निशाना
सोना ने कलाकारों और श्रोताओं दोनों को घेरा
सोना ने गाने में स्कूली यूनिफॉर्म पहनी लड़कियों को 'प्रॉप' (दिखावे की वस्तु) की तरह दिखाने पर दुख जताया और इसे 'मानसिक व आत्मिक पतन' बताया। उन्होंने कलाकारों के साथ-साथ ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देने वाले श्रोताओं को भी घेरा और कहा कि भारत इससे बेहतर का हकदार है। बता दें कि हरियाणा राज्य महिला आयोग ने बादशाह को नोटिस जारी कर 13 मार्च को आयोग के सामने पेश होकर अपना विस्तृत बयान दर्ज कराने को कहा है।