
पहले से आसान होगा कैश ट्रांसफर, RBI ने जारी किया नया नियम
क्या है खबर?
अगर आप ऑनलाइन फंड ट्रांसफर करते हैं तो आपके लिए एक जरूरी जानकारी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के जरिए फंड ट्रांसफर का समय बढ़ा दिया है।
पहले इसके तहत कामकाजी दिनों में सुबह 8 बजे से 4:30 बजे तक फंड ट्रांसफर किया जाता था, लेकिन अब यह समय डेढ़ घंटे बढ़ाकर शाम 06:00 बजे तक कर दिया गया है।
नई व्यवस्था एक जून से लागू होगी।
नई व्यवस्था
तीन विंडो के तहत होगी ट्रांजेक्शन
नई व्यवस्था के लिए तीन टाइम विंडो में ट्रांजेक्शन होगा। पहली विंडो सुबह 8 बजे से 11 बजे, दूसरी विंडो 11 बजे से 1 बजे और तीसरी विंडो 1 बजे से शाम 6 बजे तक होगी।
पहली विंडो में ट्रांजेक्शन करने के लिए ग्राहकों को तय चार्ज से ज्यादा कोई फीस नहीं देनी होगी।
वहीं अगर ग्राहक दूसरी और तीसरी विंडो में ट्रांजेक्शन करेगा तो उसे क्रमशः दो और पांच रुपये की अतिरिक्त फीस देनी पड़ेगी।
NEFT
NEFT के तहत 24 घंटे ट्रांसफर का प्रस्ताव
भारतीय रिजर्व बैंक ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) के तहत 24 घंटे फंड ट्रांसफर का प्रस्ताव पेश किया है।
बैंक ने 2019-21 के अपने विजन डॉक्यूमेंट में यह प्रस्ताव दिया था। अगर ऐसा होता है तो ग्राहकों कभी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसे भेज पाएंगे।
बता दें, NEFT के जरिए ग्राहक एक दिन में एक रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं।
IMPS
ग्राहकों के पास केवल IMPS का विकल्प
किसी भी समय फंड ट्रांसफर करने के लिए ग्राहकों के पास अभी सिर्फ इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) का विकल्प है।
इसके जरिए ग्राहक किसी भी वक्त पैसे भेज सकते हैं, लेकिन इसकी भी एक खामी है। IMPS के जरिए 2 लाख रुपये तक का फंड ट्रांसफर किया जा सकता है।
ऐसे में अगर NEFT की टाइमिंग बढ़ती है तो न सिर्फ ग्राहकों का फायदा होगा बल्कि बैंकों की शाखाओं पर भी कुछ हद तक भार कम होगा।
कमियां
अभी क्या है NEFT की खामियां
NEFT के जरिए एक दिन में 25 लाख रुपये तक भेजे जा सकते हैं, लेकिन इसकी कुछ खामियां भी हैं।
जैसे NEFT के जरिए केवल कामकाजी दिनों में ही पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं। यानी NEFT केवल उसी दिन काम करता है जिस दिन बैंक खुले रहते हैं।
महीने के हर रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार और हर सरकारी छुट्टी के दिन ग्राहकों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए कोई दूसरा विकल्प तलाशना पड़ता है।