टैरिफ के बाद भारत का अमेरिकी निर्यात घटा, रत्न-आभूषण और ऑटोमोबाइल क्षेत्र हुए सबसे ज्यादा प्रभावित
क्या है खबर?
27 अगस्त से अमेरिका भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है। इसकी वजह से भारत का अमेरिकी निर्यात प्रभावित हुआ है। भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले झींगा, आभूषण और रत्न, ऑटोमोबाइल उपकरण और इलेक्ट्रिक मशीनरी जैसी कई सामानों के निर्यात में भारी गिरावट आई है। भारी टैरिफ के चलते भारतीय निर्यातक इन सामानों का कुछ हिस्सा अमेरिका के बजाय दूसरे एशियाई और यूरोपीय देशों में भेज रहे हैं।
आंकड़े
रत्न और आभूषण का निर्यात 76 प्रतिशत गिरा
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले सितंबर में अमेरिका को रत्न और आभूषण के निर्यात में 76 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि, इसी सामान का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 79 प्रतिशत, हांगकांग को 11 प्रतिशत और बेल्जियम को 8 प्रतिशत बढ़ गया है। इसी तरह ऑटोमोबाइल उपकरण का भी अमेरिकी निर्यात 12 प्रतिशत कम हो गया है। इसके बजाय जर्मनी, UAE और थाईलैंड को होने वाला संयुक्त निर्यात 8 प्रतिशत बढ़ा है।
अन्य देश
अमेरिका के बजाय दूसरे बाजार तलाश रहे भारतीय निर्यातक
अमेरिकी टैरिफ की वजह से भारतीय निर्यातक दूसरे बाजार तलाश रहे हैं। यही वजह है कि समुद्री उत्पादों के निर्यात में सितंबर में 25 और अक्टूबर में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। भारतीय निर्यातक अमेरिका से हुए घाटे की भरपाई चीन, जापान, थाईलैंड और यूरोपियन संघ (EU) को निर्यात बढ़ाकर कर रहे हैं। ये संकेत है कि अगर अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं हुआ, तो निर्यातक एशियाई बाजारों से इस झटके की कुछ हद तक भरपाई कर सकते हैं।
उत्पाद
इन उत्पादों का निर्यात गिरा
हालांकि, कम मार्जिन और ज्यादा मेहनत वाले उत्पादों को वैकल्पिक बाजार नहीं मिल पा रहे हैं। इनमें सूती कपड़े, खेल उपकरण, कारपेट और जूते-चप्पल शामिल हैं। इन्हें चीन और आसियान देशों से कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है। खेलों से जुड़े सामान का 60 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका को निर्यात होता है। इनके निर्यात में 6 प्रतिशत की कमी आई है। सूती कपड़े का निर्यात भी 6 प्रतिशत गिरा है। इन उत्पादों को वियतनाम और बांग्लादेश से प्रतिस्पर्धा मिल रही है।
समझौता
भारत-अमेरिका में जल्द हो सकता है व्यापार समझौता
अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है। इन सबके बीच दोनों देश एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। कई दौर की चर्चा के बाद भी कुछ मुद्दों पर असहमतियां हैं, जिसके चलते अभी तक समझौता नहीं हुआ। कथित तौर पर सोयाबीन, दुग्ध उत्पाद और मक्के को लेकर विवाद बताए जा रहे हैं। हालांकि, हाल ही में एक शीर्ष अधिकारी ने कहा था कि इस साल तक भारत-अमेरिका में व्यापार समझौता हो जाएगा।