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#NewsBytesExplainer: खामेनेई की मौत के बाद कौन होगा ईरान का अगला सुप्रीम लीडर, कैसे चुना जाएगा?
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की इजरायल-अमेरिकी हमलों में मौत हो गई है

#NewsBytesExplainer: खामेनेई की मौत के बाद कौन होगा ईरान का अगला सुप्रीम लीडर, कैसे चुना जाएगा?

लेखन आबिद खान
Mar 01, 2026
09:54 am

क्या है खबर?

अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की सेना और सरकारी टीवी ने इसकी पुष्टि की है। करीब 3 दशकों तक सत्ता में रहे खामेनेई के जाने से ईरान की शासन व्यवस्था में अब तक की सबसे गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। उनके उत्तराधिकारी और ईरान के अगले नेतृत्वकर्ता को लेकर कई अटकलें हैं। आइए संभावित दावेदारों के बारे में जानते हैं।

सत्ता

शीर्ष नेतृत्व को लेकर क्या कहता है संविधान

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के संविधान में विलायत-ए-फकीह (इस्लामी न्यायविद का संरक्षण) के सिद्धांत के तहत सर्वोच्च नेता का धर्मगुरु होना अनिवार्य है। इस सिद्धांत के अनुसार, नौवीं शताब्दी में गुम हो चुके शिया मुस्लिम 12वें इमाम के लौटने तक सत्ता एक वरिष्ठ धार्मिक विद्वान के पास होनी चाहिए।खामेनेई और उनके पूर्ववर्ती इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के शासनकाल में सर्वोच्च नेता को सभी मामलों में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार है।

वर्तमान व्यवस्था

फिलहाल कौन संभालेगा शासन?

सरकारी IRNA समाचार एजेंसी ने बताया है कि ईरान के राष्ट्रपति, न्यायपालिका के प्रमुख और गार्डियन काउंसिल के एक ज्यूरिस्ट वाली 3 लोगों की काउंसिल कुछ समय के लिए देश में नेतृत्व की सारी जिम्मेदारियां संभालेगी। सुप्रीम लीडर की मौत होने पर ईरान के संविधान में भी यही प्रावधान है। यानी अब देश को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, न्यायपालिका प्रमुख घोलम हुसैन मोहसेनी एजेई और गार्जियन काउंसिल के सचिव अली लारीजानी देश को संभालेंगे।

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नाम

कौन हो सकता है अगला सुप्रीम लीडर?

संभावित उम्मीदवारों में खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई और इस्लामी गणराज्य के संस्थापक के पोते हसन खुमैनी के नाम शामिल हैं। कुछ अन्य वरिष्ठ धर्मगुरुओं के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, रॉयटर्स का कहना है कि वर्तमान में किसी भी व्यक्ति के पास खामेनेई के समान अधिकार नहीं हैं और किसी भी उत्तराधिकारी को क्रांतिकारी गार्ड और वरिष्ठ धार्मिक निकायों जैसे शक्तिशाली संस्थानों पर नियंत्रण स्थापित करने में संघर्ष करना पड़ सकता है।

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तरीका

कैसी है ईरान की शासन व्यवस्था?

ईरान की सत्ता के केंद्र में एक विशेषज्ञ सभा है, जो हर 8 साल में चुने जाने वाले वरिष्ठ अयातुल्लाहों का निकाय है। संविधान के अनुसार, सभा को सर्वोच्च नेता की नियुक्ति का दायित्व सौंपा गया है। उत्तराधिकार से जुड़ा कोई भी फैसला इसी के द्वारा लिया जाएगा फिर उस पर विधानसभा मुहर लगाएगी। वहीं, गार्जियन काउंसिल के आधे सदस्य सुप्रीम लीडर और आधे न्यायपालिका प्रमुख द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। ये संसदीय कानून को वीटो कर सकती है।

चुनाव

ईरान में चुनाव क्यों होते हैं?

ईरान के लोग हर 4 साल में राष्ट्रपति और संसद के लिए मतदान करते हैं, लेकिन अंतिम अधिकार सर्वोच्च नेता के पास होता है। राष्ट्रपति सरकार बनाते हैं और दिन-प्रतिदिन की नीतियों का प्रबंधन करते हैं, लेकिन फैसले गैर-निर्वाचित नेतृत्व द्वारा निर्धारित सीमाओं के भीतर ही होने चाहिए। हालांकि, गार्जियन काउंसिल द्वारा उम्मीदवारों पर लगाए गए प्रतिबंध, 2009 के चुनाव परिणाम पर हुए विवाद और सत्ता के गैर-निर्वाचित हिस्से की पकड़ ने चुनावी राजनीति में विश्वास कमजोर कर दिया है।

परिचय

कौन हैं मोजतबा खामेनेई? 

मोजतबा अयातुल्लाह के दूसरे और छोटे बेटे हैं। उनका जन्म 8 सितंबर, 1969, मशहद में हुआ था। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद धर्मशास्त्र का अध्ययन किया था। उसके बाद 1999 में उन्होंने मौलवी बनने के लिए कोम में पढ़ाई की। मोजतबा की पहचान एक धार्मिक और राजनीतिक व्यक्ति के रूप में है। वह सर्वोच्च नेता के कार्यालय में एक कमांडिंग ऑफिसर हैं। वे ईरान और इराक के बीच हुए युद्ध में भाग ले चुके हैं।

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