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ईरान में जमीनी अभियान शुरू कर सकता है अमेरिका, खार्ग द्वीप पर कब्जे समेत ये है योजना
अमेरिका ईरान पर जमीनी अभियान शुरू कर सकता है (फाइल तस्वीर)

ईरान में जमीनी अभियान शुरू कर सकता है अमेरिका, खार्ग द्वीप पर कब्जे समेत ये है योजना

लेखन आबिद खान
Mar 29, 2026
03:32 pm

क्या है खबर?

अमेरिका ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले संभावित जमीनी अभियान की तैयारी कर रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ती हुई सैन्य तैनाती और युद्धविराम वार्ता को लेकर असमंजस के बीच युद्ध में ये एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका जमीनी अभियानों के लिए आकस्मिक योजनाओं की तैयारी कर रहा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास संभावित हमले और खार्ग द्वीप पर कब्जा शामिल है।

रिपोर्ट

हफ्तों से लेकर महीनों तक चल सकता है अभियान- रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ऐसी योजनाएं बना रहा है जो पूर्ण पैमाने का आक्रमण नहीं है, लेकिन इसमें विशेष अभियान बलों और पारंपरिक पैदल सेना इकाइयों द्वारा ईरानी सैन्य बुनियादी ढांचे पर छापे मारना शामिल हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इनका उद्देश्य महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर हमला करना और ईरान द्वारा जवाबी कार्रवाई करने से पहले ही पीछे हट जाना है। इसकी समयसीमा 'हफ्तों से लेकर महीनों' तक बताई जा रही है।

हमले

किन-किन ठिकानों पर हमले कर सकता है अमेरिका?

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सटीक अभियानों के माध्यम से ईरान की सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है। संभावित लक्ष्यों में मिसाइल प्रक्षेपण प्रणाली, वायु रक्षा प्रणाली और समुद्री मार्गों को खतरे में डालने वाले तटीय प्रतिष्ठान शामिल हैं। अमेरिा ईरान के खिलाफ एक संभावित 'अंतिम प्रहार' के लिए भी विकल्प तलाश रहा है। एक पूर्व रक्षा अधिकारी ने कहा, "यह आखिरी समय की योजना नहीं है। इस पर पहले से ही गहन अभ्यास किया जा चुका है।"

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खार्ग द्वीप

खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है अमेरिका

अमेरिका फारस की खाड़ी में ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जे की योजना बना रहा है। अगर ऐसा होता है, तो ये ईरान के लिए भारी आर्थिक झटका होगा, क्योंकि यहां से ईरान का लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात होता है। अन्य योजनाओं में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास छापे मारना शामिल है। अमेरिकी अधिकारी जलडमरूमध्य के पास तैनात ईरानी हथियार प्रणालियों को नष्ट करने के विकल्पों की जांच कर रहे हैं।

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तैनाती

अमेरिका लगातार बढ़ा रहा सैन्य तैनाती

अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा दी है। अमेरिकी युद्धपोत USS त्रिपोली करीब 3,500 सैनिकों को लेकर इस इलाके में पहुंच गया है। इस पर हेलीकॉप्टर, MV-22 ओस्प्रे और F-35B जैसे लड़ाकू विमान भी तैनात हैं। एक और अमेरिकी विमान वाहक पोत USS जॉर्ज HW बुश भी अमेरिका से रवाना होकर पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा है। इससे ईरान में जमीनी अभियान की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राष्ट्रपति

सैनिकों की तैनाती को लेकर ट्रंप प्रशासन में विरोधाभास

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 मार्च को कहा था कि वे कहीं भी सेना नहीं भेज रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा था कि अमेरिका का का लक्ष्य जमीनी सैनिकों की तैनाती के बिना अपने उद्देश्यों को पूरा करना है। इन बयानों के बावजूद सैन्य तैनाती में बढ़ोतरी ये संकेत दे रही है कि अमेरिका कूटनीति विफल होने की स्थिति में सैनिक जमीन पर उतार सकता है।

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