NTA प्रमुख ने NEET-UG पेपर लीक होने से इनकार किया, संसदीय समिति के सामने हुए हाजिर
क्या है खबर?
राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रमुख अभिषेक सिंह ने गुरुवार को संसद की स्थायी समिति के सामने पेश होकर बताया कि बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 का कोई पूर्णतः प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, केवल कुछ प्रश्न ही लीक हुए थे। इंडिया टुडे के मुताबिक, परीक्षा आयोजित करने वाली केंद्रीय एजेंसी ने दावा किया कि परीक्षा रद्द करने का कारण अनुचित साधनों का प्रयोग था।
दावा
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दावों से अलग
NTA प्रमुख ने समिति से कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं और अनुचित साधनों के प्रयोग के मामले सामने आए, लेकिन ये परीक्षा के नियमों का पूर्ण उल्लंघन नहीं थे। अधिकारी ने कहा कि प्रश्नों में मामूली छेड़छाड़ भी प्रणाली पर विश्वास को कम कर सकती है, जिसके चलते परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। NTA का दावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दावे से विपरीत है, जिन्होंने चूक को स्वीकार कर पेपर लीक की जिम्मेदारी ली थी।
बयान
कोई पेपर लीक नहीं हुआ- NTA
सिंह और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने संसदीय समिति के समक्ष बताया कि अधिकारी सही दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कई सिफारिशें पहले ही लागू की जा चुकी हैं, जबकि अन्य पर काम जारी है ताकि NEET परीक्षा को लीकप्रूफ बनाया जा सके। अधिकारियों ने दोहराया कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ था, लेकिन यह स्वीकार किया कि कदाचार की घटनाओं के कारण 12 मई का कार्यक्रम रद्द किया गया था।
बयान
धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा था?
प्रधान ने 15 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों का पालन करने के बावजूद, कमान श्रृंखला में चूक हुई है राधाकृष्णन समिति 2024 के NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद पूर्व ISRO अध्यक्ष के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में बनी थी। प्रधान ने कहा था, "हम इसे स्वीकार करते हैं और इसमें सुधार की जिम्मेदारी लेते हैं।" उन्होंने लीक को जालसाजों के संगठित नेटवर्क का काम बताया और CBI जांच की बात कही थी।
परीक्षा
21 जून को होगी दोबारा परीक्षा
अखिल भारतीय प्री-मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को पेपर लीक होने और कई वास्तविक परीक्षा प्रश्नों से मिलते-जुलते अनुमानित प्रश्नपत्र के प्रसार के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच शुरू की और राष्ट्रीय चिकित्सा प्रशासन की संसदीय जांच शुरू हुई। पेपर लीक को लेकर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है और राज्य सरकारें भी नाराज हैं। इस बीच, केंद्रीय एजेंसी ने 21 जून को पुनर्परीक्षा की घोषणा की है।