ईरान में जमीनी अभियान की तैयारी में अमेरिका, 3,500 सैनिक पश्चिम एशिया पहुंचे
क्या है खबर?
अमेरिका ईरान में अब जमीनी अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है। बीते दिन 3,500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक पश्चिम एशिया पहुंच चुके हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये सैनिक हमलावर जहाज USS त्रिपोली के जरिए वहां पहुंचे हैं और 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जमीनी सैनिकों की तैनाती को मंजूरी दी है या नहीं।
जहाज
USS त्रिपोली पर लड़ाकू और रसद विमान भी तैनात
CENTCOM ने एक बयान में कहा, 'USS त्रिपोली पर सवार अमेरिकी नाविक और मरीन 27 मार्च को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पहुंचे। यह अमेरिका श्रेणी की एम्फीबियस असॉल्ट शिप की 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के फ्लैगशिप के तौर पर काम करता है। इस समूह में लगभग 3,500 नाविक और मरीन के अलावा ट्रांसपोर्ट और स्ट्राइक लड़ाकू विमान, साथ ही एम्फीबियस असॉल्ट और टैक्टिकल संसाधन शामिल हैं।'
जानकारी
ईरानी अखबार ने लिखा- सैनिकों का नरक में स्वागत है
ईरानी अखबारतेहरान टाइम्स ने लिखा कि अगर अमेरिकी सैनिकों ने ईरान की जमीन पर कदम रखा तो ताबूत में वापस लौटेंगे। अखबार ने अपने मुख्य पन्ने पर लिखा, 'नरक में आपका स्वागत है। ईरानी जमीन पर कदम रखने वाले अमेरिकी सैनिक ताबूत में वापस लौटेंगे।'
तैनाती
जमीन पर सैनिकों की तैनाती को लेकर अभी संशय
वाशिंगटन पोस्ट ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि अभी स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने जमीन पर सैनिकों की तैनाती को मंजूरी दी है या नहीं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि अमेरिका का का लक्ष्य जमीनी सैनिकों की तैनाती के बिना अपने उद्देश्यों को प्राप्त करना है। दरअसल, ट्रंप प्रशासन पर जमीनी सैनिकों को तैनात नहीं करने का घरेलू स्तर पर काफी दबाव है।
विमान
ईरान ने कहा- F-16 लड़ाकू विमान मार गिराया
ईरान के प्रेस टीवी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल और अन्य जगहों पर कई ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान ने दावा किया कि उसने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया और एक F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया। इसके अलावा हाइफा शहर में स्थित इजरायली रक्षा तकनीक कंपनी एल्टा के इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और रडार सेंटर और डेविड बेन गुरियन हवाई अड्डे पर बने फ्यूल ईंधन केंद्र पर भी हमले किए गए।
तनाव
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ता जा रहा तनाव
ईरान ने बीत दिन सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, जिसमें कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं। युद्ध में यमन के हूती विद्रोही भी शामिल हो गए हैं, जिन्होंने इजराइल की ओर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली है। उनकी भूमिका से समुद्री यातायात के लिए अहम बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। शनिवार को इजरायल ने ईरान पर घातक हमले किए हैं।