ईरान पर सीमित हमला करने की योजना बना रहे डोनाल्ड ट्रंप- रिपोर्ट
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सीमित सैन्य हमला करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि तेहरान पर परमाणु समझौते की शर्तें मानने के लिए दबाव बनाया जा सके। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, चर्चाओं से परिचित सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित कार्रवाई में ईरान के सैन्य या सरकारी ठिकानों पर लक्षित हमला शामिल होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ट्रंप मंजूरी देते हैं, तो हमला कुछ ही दिनों में हो सकता है।
रिपोर्ट
ईरान नहीं माना तो बढ़ सकता है हमले का दायरा- रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीमित हमले का उद्देश्य ईरान को परमाणु संवर्धन गतिविधियों को रोकने के लिए मजबूर करना होगा। साथ ही व्यापक संघर्ष को टालना होगा, ताकि युद्ध पूरे इलाके को चपेट में न ले सके। हालांकि, इसके बावजूद अगर ईरान सहयोग करने से मना करता है, तो अमेरिका व्यापक सैन्य अभियान शुरू कर सकता है, जिसमें ईरानी सरकार से जुड़े बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया जा सकता है।
बयान
ट्रंप बोले- 10 दिन में पता चल जाएगा
ट्रंप ने कहा है कि दुनिया को शायद अगले 10 दिनों में पता चल जाएगा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता करेगा या सैन्य कार्रवाई होगी। ट्रंप ने कहा, "हमें एक ऐसा समझौता करना होगा जो सार्थक हो, नहीं तो बुरी चीजें होंगी। सालों से यह साबित हुआ है कि ईरान के साथ एक सार्थक समझौता करना आसान नहीं है। विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर ने ईरान के साथ कुछ बहुत अच्छी बैठकें की हैं।"
ईरान
ईरान ने दी जवाबी हमले की चेतावनी
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ, तो वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को लिखे पत्र में ईरान ने कहा, "हमले की स्थिति में क्षेत्र में किसी भी शत्रुतापूर्ण ताकत के सभी ठिकानों, सुविधाओं और संपत्तियों को वैध लक्ष्य माना जाएगा। किसी भी अप्रत्याशित और अनियंत्रित परिणाम के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका पूरी तरह से और सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा।"
ब्रिटेन
UK ने अमेरिका को अपना अड्डा इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी
द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम (UK) ने अमेरिकी सेना को ईरान पर हमला करने के लिए अपने सैन्य अड्डे इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है। व्हाइट हाउस ईरान के खिलाफ हमले के लिए जो योजना बना रहा है, उसमें UK के नियंत्रण वाले डिएगो गार्सिया और ग्लॉस्टरशायर में RAF फेयरफोर्ड बेस का इस्तेमाल करना शामिल है। यहां अमेरिका के भारी बमवर्षक विमान तैनात हैं। UK को डर है कि ऐसा करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा।
कूटनीति
अमेरिका-ईरान बातचीत में भी जुटे
दोनों देशों में कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, "बातचीत के कुछ हिस्से सकारात्मक रहे, लेकिन कई अहम मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बनी है।" वहीं, अराघची ने कहा, "'गाइडिंग प्रिंसिपल्स' पर आम सहमति बन गई है और इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर हम एक मसौदा लिखना शुरू करेंगे।"