अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: संसद के दोनों सदनों में ट्रंप की हार, डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत
क्या है खबर?
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। सदन के दोनों सदनों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी लगभग बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है। सीनेट में तो डेमोक्रेट्स ने 51 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी पार्टी ने 200 से ज्यादा सीटें जीत ली हैं। वहीं, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी 108 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
सीनेट
सीनेट में डेमोक्रेट्स ने पार किया बहुमत का आंकड़ा
सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर मतदान हुआ था। इस सदन में बहुमत का आंकड़ा 51 है।
अब तक 27 सीटों के नतीजे आ चुके हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 18 और रिपब्लिकन पार्टी ने 9 सीटें जीती हैं। बाकी सीटों पर वोटों की गिनती जारी है।
इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास सदन में 52 सीटें हो गई हैं, जो बहुमत से एक ज्यादा है। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी के पास 40 सीटें हैं।
प्रतिनिधि सभा
प्रतिनिधि सभा में भी डेमोक्रेट्स का शानदार प्रदर्शन
प्रतिनिधि सभा में कुल 435 सीटें हैं। यहां सभी सीटों पर चुनाव हुए थे और बहुमत का आंकड़ा 218 है।
फिलहाल डेमोक्रेटिक पार्टी 196 सीटें जीत चुकी हैं और 60 पर आगे चल रही है। राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी 121 सीटें जीत गई है और 50 पर बढ़त बनाए हुए है। यानी इस सदन में भी ट्रंप की पार्टी ने बहुमत खो दिया है।
डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन का गढ़ माने जाने वाली कई सीटों पर जीत दर्ज की है।
बयान
ट्रंप बोले- अब राजनीतिक पंडित बनूंगा
नतीजों पर ट्रंप ने कहा, 'मैं अब राजनीतिक विश्लेषक बनने जा रहा हूं, जो इन उम्मीदवारों की जीत और हार के कारणों पर अच्छी और बुरी दोनों तरह की राय देगा।'
एक अन्य बयान में उन्होंने हार के पीछे ईरान युद्ध को भी वजह बताया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इसका एक कारण ईरान था, लेकिन साथ ही लोगों को यह भी समझ आया कि ईरान को लेकर मैंने जो किया है, वह कितना महत्वपूर्ण है।"
गढ़
अपने कई गढ़ में हारी रिपब्लिकन पार्टी
डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन से उसके कई गढ़ छीन लिए हैं। टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको को जीत मिली है। 1994 के बाद यहां पहली बार डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत हुई है।
इसी तरह दक्षिण कैरोलिना में डेमोक्रेट एनी एंड्रयूज ने जीत दर्ज की है। यह सीट पहले सबसे लंबे समय तक सांसद रहे लिंडसे ग्राहम की बहन डार्लीन ग्राहम के पास थी। 1998 के बाद पहली बार यहां डेमोक्रेटिक पार्टी जीती है।
नेता
कई बड़े रिपब्लिकन नेताओं को मिली हार
ट्रंप के करीबी माने जाने वाले भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर चुनाव में डेमोक्रेट एमी एक्टन से हार गए। यह चुनाव उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के गृह राज्य में हुआ था।
टेक्सास में 37 वर्षीय चर्चित नेता जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराया।
ओहायो में डेमोक्रेट शेरोड ब्राउन ने मौजूदा रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड को हरा दिया।
कंसास में डेमोक्रेटिक पादरी एडम हैमिल्टन ने मौजूदा सीनेटर और रिपब्लिकन रोजर मार्शल को हराया।
प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस
मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति के 4 साल के कार्यकाल के बीच में किए जाते हैं। ये एक तरह से सरकार के 2 साल के कामकाज पर जनता की मुहर की तरह होते हैं।
इनमें जनता सीधे राष्ट्रपति को नहीं, बल्कि केवल संसद सदस्यों को चुनती है। इनमें हारने पर राष्ट्रपति का पद नहीं जाता, लेकिन संसद में बहुमत की स्थिति जरूर बदल सकती है।
बता दें कि भारत की तरह अमेरिकी संसद के भी 2 सदन हैं- प्रतिनिधि सभा और सीनेट।