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ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में बातचीत शुरू, पाकिस्तान भी शामिल; जानें घटनाक्रम 
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की

ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में बातचीत शुरू, पाकिस्तान भी शामिल; जानें घटनाक्रम 

लेखन आबिद खान
Apr 11, 2026
06:43 pm

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता हो रही है। दोनों ही देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। 1979 के बाद दोनों देशों में ये पहली उच्चस्तरीय वार्ता है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ के हाथों में हैं। बैठक से पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों पक्षों से मुलाकात की है।

बयान

शहबाज बोले- बातचीत स्थायी शांति की दिशा में अहम साबित होगी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों प्रतिनिधिमंडलों की 'रचनात्मक' रूप से बातचीत करने की प्रतिबद्धता की सराहना की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि ये बातचीत इस क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि पाकिस्तान इस क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में प्रगति करने में दोनों पक्षों को सहयोग देना जारी रखने के लिए तत्पर है।'

आमने-सामने वार्ता

सीधी वार्ता नहीं करेंगे दोनों प्रतिनिधिमंडल- रिपोर्ट

वार्ता के तरीके को लेकर अभी तक कुछ तय नहीं है। समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, ऐसी उम्मीद है कि ये बातचीत अप्रत्यक्ष होगी, जिसमें दोनों पक्ष अलग-अलग कमरों में बैठेंगे और इस्लामाबाद के अधिकारी उनके बीच प्रस्तावों का आदान-प्रदान करेंगे। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, पाकिस्तान किसी भी स्थिति के लिए तैयार है— चाहे वह प्रत्यक्ष बातचीत को सुगम बनाना हो या प्रतिनिधिमंडलों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करना हो।

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बयान

ईरान बोला- बिल्कुल अविश्वास के साथ बातचीत में शामिल हो रहे

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जर्मनी के अपने समकक्ष योहान वाडेफुल से फोन पर कहा कि ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और तेहरान पूरी तरह से अविश्वास के साथ बातचीत में शामिल हो रहा है। मेहर समाचार एजेंसी के मुताबिक, अराघची ने कहा कि ईरान को होने वाली बातचीत पर भी यकीन नहीं है। अराघची ने यह भी कहा कि ईरान ईरानी लोगों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ेगा।

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शर्तें

अमेरिका-ईरान में लगभग सभी मुद्दों पर मतभेद

अमेरिका और ईरान में लगभग सभी मुद्दों पर मतभेद हैं, जिससे वार्ता की सफलता को लेकर संदेह है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर जहाजों से टोल वसूलना चाहता है, जबकि अमेरिका इसे पूरी तरह खुला रखने के पक्ष में है। ईरान ने लेबनान में युद्धविराम की शर्त रखी है, लेकिन अमेरिका का कहना है कि ये वार्ता का हिस्सा नहीं है। इसके अलावा परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, फ्रीज की हुई संपत्ति और भविष्य की गारंटी पर भी मतभेद हैं।

ेसंपत्ति

ईरान का दावा- फ्रीज संपत्तियों को छोड़ने पर अमेरिका सहमत

रॉयटर्स ने एक ईरानी अधिकारी के हवाले से कहा कि अमेरिका ने ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने पर सहमति जताई है। रिपोर्ट में ईरानी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका ईरान के दूसरे देशों में फंसे हुए पैसे जारी करने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस खबर का खंडन किया है। CBS न्यूज ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ऐसी सहमति नहीं बनी है।

होटल

इस्लामाबाद में 2 दिन का सार्वजनिक अवकाश

बैठक को लेकर इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 1,000 से ज्यादा जवान सड़कों पर तैनात हैं। हवाई सुरक्षा के लिए भी विमान तैनात किए गए हैं। इस्लामाबाद में 2 दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया है, जिसके चलते लॉकडाउन जैसे हालात हैं और सड़कें खाली हैं। जिस 5 स्टार सेरेना होटल में बैठक हो रही है, उसके आसपास का पूरा इलाका सील कर दिया गया है।

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