ईरान-अमेरिका शांति वार्ता से पहले इस्लामाबाद में लॉकडाउन जैसे हालात, स्कूल-बाजार बंद; कौन-कौन हो रहा शामिल?
क्या है खबर?
ईरान और अमेरिका के बीच कल यानी 11 अप्रैल से पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता होगी। इसके लिए अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल आज इस्लामाबाद पहुंचेगा। वार्ता से पहले पूरे इस्लामाबाद को छावनी में बदल दिया गया है। स्कूल और बाजार बंद हैं और शहर में 2 दिन के लिए सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। इस्लामाबाद में जहां राष्ट्रपति आवास, प्रधानमंत्री आवास, संसद और अन्य देशों के दूतावास हैं, उस पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।
सुरक्षा
रेड जोन में आम नागरिकों की आवाजाही बंद
इस्लामाबाद में लगभग देश की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तैनाती की गई है। प्रतिनिधिमंडल के आने-जाने, रुकने और बैठक के दौरान ब्लू बुक के तहत VVIP प्रोटोकॉल लागू किया गया है। संसद, प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठान, होटल, दूतावास और विदेशी संगठनों के कार्यालयों पर आम नागरिकों के वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। जिस आलीशान होटल सेरेना में बैठक होगी, उसे सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिया है।
हवा
जमीन से लेकर हवा तक सुरक्षा के सख्त इंतजाम
रिपोर्टों के मुताबिक, वार्ता से पहले पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए हैं। पाकिस्तानी वायु सेना ने प्रतिनिधिमंडलों के लिए सुरक्षित हवाई प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए IL-78 ईंधन भरने वाले टैंकर और C-130 विमान तैनात किए हैं। ईरान के बंदर अब्बास के ऊपर वायुसेना के लड़ाकू विमान देखे गए हैं, जो ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। पूरे हवाई मार्ग पर AWACS तैनात किया गया है।
वीजा
प्रतिनिधियों को मिलेगा ऑन अराइवल वीजा
पाकिस्तान बैठक में शामिल होने वाली सभी प्रतिनिधियों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा देगा। इसके लिए हवाई अड्डों पर विशेष सुविधा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए 30 सदस्यीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुका है। गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी राजदूत को अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल को पूरी तरह से सुरक्षित होने का आश्वासन दिया है।
सदस्य
कौन-कौन हो रहा है शामिल?
बैठक में अमेरिका का प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर और सैन्य अधिकारी ब्रैड कूपर भी शामिल होंगे। वहीं, ईरानी मीडिया के अनुसार, संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप विदेश मंत्री मजीद तख्त खांची के भी शामिल होने की खबर है। हालांकि, ईरान की मेहर एजेंसी ने किसी के भी शामिल होने की खबरों को खारिज किया है।
मुद्दे
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चर्चा में ईरान का परमाणु कार्यक्रम और बैलेस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और ईरान पर से प्रतिबंध हटाने के मुद्दे शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान में कोई यूरेनियम संवर्धन नहीं होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य को निर्बाध आवागमन के लिए खोलना होगा, जबकि ईरान यहां जहाजों से टोल वसूलने की योजना बना रहा है। ईरान ने सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने और फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस करने की मांग की है।