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ईंधन संकट के बीच श्रीलंका में हर बुधवार को अवकाश घोषित, अन्य देशों में क्या हालात?
श्रीलंका में ईंधन संकट के बीच बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित (फाइल तस्वीर)

ईंधन संकट के बीच श्रीलंका में हर बुधवार को अवकाश घोषित, अन्य देशों में क्या हालात?

लेखन गजेंद्र
Mar 17, 2026
01:30 pm

क्या है खबर?

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कई देशों में ईंधन संकट देखने को मिल रहा है। भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में भी किल्लत बढ़ गई है, जिसे देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ईंधन आपूर्ति पर दबाव कम करने के लिए सभी स्कूल, सरकारी कार्यालय, विश्वविद्यालयों और अदालतों में हर बुधवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित किया है। बता दें कि श्रीलंका में शनिवार-रविवार को साप्ताहिक अवकाश होता है, यानी अब 3 दिन अवकाश होगा।

फैसला

श्रीलंका ने उठाए ये कदम

श्रीलंका सरकार ने बुधवार के अवकाश की व्यवस्था कल से लागू की है। साथ ही, सरकारी कार्यक्रमों को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। निजी क्षेत्र के संगठनों से भी ऐसी व्यवस्था अपनाने का आग्रह किया गया है। हालांकि, स्वास्थ्य सेवा, बंदरगाह, जल आपूर्ति और सीमा शुल्क संचालन जैसी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने आपातकालीन बैठक में कहा, "हमें सबसे बुरे हालात के लिए तैयार रहना चाहिए, लेकिन सबसे अच्छे की उम्मीद रखनी चाहिए।"

हालात

अन्य एशियाई देश क्या कर रहे हैं?

थाईलैंड में सरकार लोगों से एयर कंडीशनर पर निर्भरता कम करने के लिए सूट के बजाय छोटी बाजू की टी-शर्ट पहनने का आग्रह किया है। म्यांमार में निजी वाहनों को उनके लाइसेंस प्लेट नंबर के आधार पर केवल वैकल्पिक दिनों में ही चलाने की अनुमति है। फिलीपींस में कुछ सरकारी कार्यालयों ने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन घर से काम करना अनिवार्य किया है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र में गैर-जरूरी यात्रा पर प्रतिबंध लगाया है।

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हालात

पाकिस्तान और बांग्लादेश के हालात भी बिगड़े

बांग्लादेश ने ऊर्जा संरक्षण के लिए विश्वविद्यालयों में रमजान की छुट्टियां पहले ही शुरू कर दी हैं। अब पूरे देश में योजनाबद्ध बिजली कटौती की जा रही है। पाकिस्तान ने सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों के वेतन में कटौती की है और उनकी यात्रा पर रोक लगाने के साथ इफ्तार और विशेष आयोजन पर रोक लगा दी है। उसने स्कूलों को 2 सप्ताह तक बंद कर दिया है और सरकारी कार्यालयों में घर से काम करने का आदेश दिया है।

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संकट

एशिया में क्यों है बड़ा संकट?

एशिया दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है। चीन, जापान, दक्षिण कोरिया जैसे पूर्वी एशियाई देश अपनी करीब 60 प्रतिशत तेल जरूरत मध्य पूर्व से आयात करते हैं। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और इसके जवाब में ईरान का खाड़ी देशों पर हमलों से पूरी व्यवस्था पटरी से उतर गई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है, जिससे एशिया का 80-90 प्रतिशत ईंधन हिस्सा आयात होता है। कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी से भी संकट बढ़ा है।

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