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शेख हसीना ने कहा- इसी साल बांग्लादेश लौटूंगी, मुझे मौत से डर नहीं लगता
शेख हसीना ने कहा कि वो इसी साल बांग्लादेश लौटेंगी

शेख हसीना ने कहा- इसी साल बांग्लादेश लौटूंगी, मुझे मौत से डर नहीं लगता

लेखन आबिद खान
Jun 28, 2026
03:53 pm

क्या है खबर?

बांग्लादेश से निकाले जाने और भारत में शरण लेने के लगभग 2 साल बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी वापसी को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह इसी साल वापस बांग्लादेश लौटेंगी। NDTV से खास बातचीत में हसीना ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ आया फैसला उनकी पार्टी अवामी लीग को 'नेतृत्वहीन' बनाने की कोशिश है, जो सफल नहीं होगी। बता दें कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने हसीना को मौत की सजा सुनाई है।

अवामी लीग

हसीना बोलीं- न्यायपालिका को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया

हसीना ने कहा, "मेरे खिलाफ आया फैसला न्याय नहीं है। यह अवैध, असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रक्रिया का हिस्सा है। न्यायपालिका को अवामी लीग को नेतृत्वहीन बनाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध का हथियार बना दिया गया है। ऐसे प्रयास पहले भी किए गए हैं। तब भी वे विफल रहे थे और वे फिर से विफल होंगे। अवामी लीग केवल संगठन नहीं है, यह बंगाल की धरती, जनता, इतिहास और राष्ट्र की पहचान में निहित एक राजनीतिक शक्ति है।"

डर

मुझे मौत से डर नहीं लगता- हसीना

हसीना ने कहा, "मुझे मृत्यु से भय नहीं है। 1975 में मैंने माता-पिता, भाइयों और लगभग पूरे परिवार को खो दिया। ग्रेनेड से मेरी हत्या का प्रयास किया गया। अनेक षड्यंत्र रचे गए, लेकिन हर षड्यंत्र को तोड़ते हुए मैं बांग्लादेशी जनता के साथ खड़ी रही। मेरा पूरा जीवन बांग्लादेश की जनता, अवामी लीग, लोकतांत्रिक संघर्ष और विकास से जुड़ा रहा। इसलिए मैं कहना चाहती हूं कि हर बाधा और षड्यंत्र को पार करते हुए मैं इस साल देश लौटूंगी।"

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पार्टी

अवामी लीग को लेकर हसीना ने क्या कहा?

हसीना ने कहा, "अपने 77 वर्षों के सफर में अवामी लीग पर कई बार हमले हुए हैं और कई बार प्रतिबंध भी लगाया गया है। लेकिन हर बार यह जनता की ताकत से फिर से उठ खड़ी हुई है। अवामी लीग जनता के साथ अपना रास्ता खुद बनाती है। जनता का समर्थन हमेशा हमारे साथ रहा है। अवामी लीग जनता के साथ थी, साथ है और साथ रहेगी। जनता की शक्ति से अवामी लीग फिर से उठेगी।"

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हिंदू

बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले को लेकर क्या बोलीं हसीना?

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर हसीना ने कहा, "यह बेहद दुखद और चिंताजनक है। दुख की बात है कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है। बांग्लादेश में, जब भी मुक्ति युद्ध की ताकतें कमजोर हुई हैं, जब भी सांप्रदायिक ताकतों ने सत्ता पर कब्जा किया है या उसे प्रभावित किया है, अल्पसंख्यक समुदायों पर भयानक अत्याचार हुए हैं। उनके घर, पूजा स्थल, व्यवसाय, जीवन और सम्मान सब खतरे में पड़ गए हैं।"

निर्वासन

हिंसा के बाद हसीना ने भारत में ले रखी हैं शरण

अगस्त, 2024 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद तख्तापलट हो गया था। हसीना को देश छोड़ना पड़ा था और वे भारत आ गई थीं। तब से उन्होंने भारत में ही शरण ले रखी है, जो भारत-बांग्लादेश के बीच विवाद का मुद्दा भी है। इस बीच अदालत उन्हें भगोड़ा घोषित कर चुकी है। पिछले साल 27 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच हसीना को 4 भ्रष्टाचार के मामलों में 26 साल की सजा सुनाई गई थी।

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