
सऊदी अरब: इस साल का सबसे बड़ा सामूहिक मृत्युदंड, 5 लोगों को मिली सजा-ए-मौत
क्या है खबर?
सऊदी अरब में 5 लोगों को एक साथ सजा-ए-मौत दी गई है। यह इस साल का सबसे बड़ा सामूहिक मृत्युदंड है। सजा-ए-मौत पाने वालों में 4 सऊदी अरब और एक मिस्र का नागरिक शामिल रहा।
इन सभी लोगों के ऊपर धार्मिक स्थल पर हमला करने के आरोप में मुकदमा चलाया गया था। सरकार के आंतरिक मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में यह नहीं बताया गया है कि आरोपियों ने कब और किस धार्मिक स्थल पर हमला किया था।
सजा
सऊदी अरब में इस साल 68 लोगों को मिल चुकी है सजा-ए-मौत
सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, अब तक यह साफ नहीं है कि इन आरोपियों को मौत की सजा देने का तरीका क्या था, लेकिन सऊदी अरब ने पहले सिर कलम करके सजा-ए-मौत दी हैं। इसके साथ ही सऊदी अरब में इस साल सजा-ए-मौत पाने वालों की संख्या 68 पहुंच गई है।
यहां मई महीने की शुरुआत से आतंकवाद से संबंधित अपराधों के लिए 20 से ज्यादा लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है।
फांसी
2022 में सऊदी अरब में 147 लोगों मिला था मृत्युदंड
मई महीने के अंत में सऊदी अरब में बहरीन के 2 नागरिकों को आतंकवादी गतिविधियों के चलते मौत की सजा दी गई थी। साल 2022 में सऊदी अरब में कुल 147 लोगों को सजा-ए-मौत मिली थी, जो 2021 के 69 के आंकड़े के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा थी।
हैरानी की बात है कि 2022 में आतंकवाद से संबंधित अपराधों के लिए मार्च में एक ही दिन 81 लोगों को मृत्युदंड दिया गया था।
सजा
अपनी कट्टर छवि बदलने की कोशिश कर रहा है सऊदी अरब
मौत की सजा में इजाफा ऐसे समय पर हुआ है जब युवराज मोहम्मद बिन सलमान द्वारा लाए गए सामाजिक और आर्थिक बदलावों के जरिए सऊदी अरब कट्टर देश की अपनी छवि को बदलने की कोशिश कर रहा है।
पिछले कुछ सालों में सऊदी अरब हत्या और बहुत अधिक लोगों की जान पर खतरे जैसे गंभीर मामलों के अलावा अन्य सभी मामलों में मौत की सजा को खत्म कर चुका है।
हिरासत
न्यूजबाइट्स प्लस
मोहम्मद बिन सलमान रूढ़िवादी समाज के लिए चर्चित सऊदी अरब के आधुनिकीकरण में लगे हुए हैं। उनका लक्ष्य तेल के निर्यात से होने वाले राजस्व पर देश की निर्भरता कम करना है।
इसके अलावा उनके विजन 2030 के मद्देनजर महिलाओं को गाड़ी चलाने समेत अन्य कई तरीके के कड़े नियमों में ढील दी गई है।
महिलाओं को अपनी पसंद से शादी करने और बिना अभिभावकों की इजाजत के विदेश यात्रा पर जाने संबंधी अधिकार भी दिए गए हैं।