ईरान युद्ध का एक महीना: 3,300 की मौत, 10 लाख विस्थापित; आकंड़ों में जानें भयावहता
क्या है खबर?
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को शुरू हुए एक महीना हो गया है। युद्ध के चलते पश्चिम एशिया अराजकता और हिंसा की चपेट में है और कच्चे तेल की कीमतों का असर पूरी दुनिया पर देखा जा रहा है। अभी तक शांति के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इसके विपरीत अमेरिका पश्चिम एशिया में सैन्य तैनाती लगातार बढ़ा रहा है, जिससे युद्ध के और भड़कने की आशंका है।
मौतें
ईरान में 1,937, लेबनान में 1,116 की मौत
मानवाधिकार समूह HRANA के अनुसार, अमेरिका-इजरायल युद्ध में ईरान में लगभग 3,300 लोग मारे गए हैं। इनमें 1,464 नागरिक शामिल हैं, जिनमें कम से कम 217 बच्चे भी हैं। ईरान में 1,937, लेबनान में 1,116, इराक में 96, इजरायल में 19, UAE में 11, कुवैत में 6, फिलिस्तीन और सीरिया में 4-4, ओमान में 3 और सऊदी अरब में 2 लोगों की मौत हुई है। अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि उसके 13 सैनिक मारे गए हैं।
घायल
ईरान में 24,000 लोग हुए घायल
ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों में 24,800 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा इजरायल में 5,492 और लेबनान में 3,229 लोग घायल हुए हैं। लगभग सभी खाड़ी देशों में घायलों की संख्या ज्यादा है। जॉर्डन में 28, कतर में 16, UAE में 169, सऊदी अरब में 20 और ओमान में 15 लोग घायल हुए हैं। इराक, कुवैत और बहरीन में भी घायलों की संख्या दर्जनों में हैं। अमेरिका के 200 से ज्यादा सैनिकों को चोट आई है।
विस्थापन
लेबनान में 3.70 लाख बच्चों ने घर छोड़े
ब्रिटिश रेड क्रॉस के मध्य पूर्व प्रबंधक गैब्रियल कार्लसन ने द इंडिपेंडेंट को बताया कि इस संघर्ष के कारण अब तक 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के अनुसार, लेबनान में सिर्फ 3 हफ्तों में 3.70 लाख अधिक बच्चों को घर छोड़ने पड़े हैं, क्योंकि इजरायली सेना ने पूरे दक्षिण सहित देश के लगभग 15 प्रतिशत हिस्से में लोगों को खाली करने का आदेश दिया था।
मिसाइलें
अमेरिका ने 850 टॉमहॉक मिसाइलें दागीं
अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान में 1,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया, जबकि इजरायली वायु सेना ने 750 अन्य ठिकानों पर हमला किया। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, अमेरिका ने महज एक महीने में 850 से अधिक टॉमहॉक मिसाइलें दागी हैं। एक टॉमहॉक मिसाइल को बनाने में 2 साल तक का समय लगता है। अमेरिका ने 912 AGM-158 JASSM और JASSM-ER स्टील्थ क्रूज मिसाइलें और 1,080 GBU-31, GBU-32 और GBU-38 JDAM निर्देशित बम गिराए हैं।
खर्च
हर दिन 9,400 करोड़ रुपये खर्च कर रहा अमेरिका
अनुमान है कि अमेरिका युद्ध पर हर दिन 9,486 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। ईरान युद्ध में लगभग 19 लाख रुपये वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जिन्हें रोकने के लिए अमेरिका को 12 करोड़ से लेकर 37 करोड़ रुपये की लागत वाली मिसाइलें दागनी पड़ रही हैं। पेंटागन की पूर्व बजट अधिकारी एलेन मैककुस्कर के अनुसार, युद्ध के पहले 3 हफ्तों के नुकसान की भरपाई के लिए अमेरिका को 13,281-27,510 करोड़ रुपये तक की जरूरत होगी।
दुनिया
दुनिया पर क्या हो रहा असर?
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत LPG और कच्चे तेल का परिवहन होता है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। 27 फरवरी को एक बैरल तेल की कीमत 72 डॉलर थी, जो अब 90-100 डॉलर तक है। 9 मार्च को कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं। विश्लेषकों के अनुसार, स्थिति और बिगड़ने पर वैश्विक विकास दर 2 प्रतिशत से नीचे आ सकती है।