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शांति वार्ता के साथ-साथ भारी सैन्य तैनाती, क्या ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप?
ईरान से युद्ध के बीच अमेरिका पश्चिम एशिया में सैन्य तैनाती बढ़ाता जा रहा है

शांति वार्ता के साथ-साथ भारी सैन्य तैनाती, क्या ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप?

लेखन आबिद खान
Mar 27, 2026
03:52 pm

क्या है खबर?

ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले काफी चौंकाने वाली रहे हैं। वे ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की समयसीमा 2 बार बदल चुके हैं। उन्होंने ईरान के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की समय सीमा 10 दिन बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दी है। इन सबके बीच शांति वार्ता के प्रयास भी जारी हैं। ट्रंप के अनिश्चित रवैये के चलते ये कयास लगने लगे हैं कि वे ईरान पर बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं।

समयसीमा

ट्रंप ने हमले की समयसीमा 6 अप्रैल तक बढ़ाई

ट्रंप ने आज सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला न करने के अपने फैसले को 10 दिन के लिए और आगे बढ़ा दिया है। यानी अमेरिका अब 6 अप्रैल की रात 8 बजे तक ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने इस फैसले के पीछे युद्ध की समाप्ति के लिए ईरान के अधिकारियों के साथ चल रही अच्छी बातचीत को कारण बताया।

ईरान

ट्रंप के बातचीत के दावों को ईरान ने किया खारिज

इससे पहले 23 मार्च को ट्रंप ने सबको चौंकाते हुए ऐलान किया था कि अमेरिका ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा स्थलों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को 5 दिनों के लिए स्थगित कर रहा है। ट्रंप ने इसके पीछे ईरान के साथ चल रही बातचीत का हवाला दिया था। हालांकि, ट्रंप भले ही बातचीत के दावे करें, लेकिन ईरान किसी भी वार्ता से साफ मुकरता रहा है। उसका कहना है कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हो रही है।

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दावे

अपनी ही बातों से कई बार पलटे ट्रंप

ट्रंप ईरान को लेकर की गई कई घोषणाओं से खुद ही पलट गए हैं। इससे युद्ध में अमेरिका की स्थिति और ट्रंप की रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पहले ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। ये समयसीमा निकली तो ट्रंप ने ऊर्जा संयंत्रों पर हमले के लिए 5 दिन की समयसीमा दी। फिर इसे बढ़ाकर 10 दिन कर दिया।

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समय

क्या समय जुटाना चाह रहे हैं ट्रंप?

कई विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ये पश्चिम एशिया में हजारों अतिरिक्त सैनिकों को इकट्ठा करने के लिए समय जुटाने का एक तरीका हो सकता है। जानकार मान रहे हैं कि 28 मार्च तक अमेरिका द्वारा ईरान में सैन्य तैनाती की प्रबल संभावना है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के भू-रणनीतिज्ञ अमजद ताहा ने भी संभावित जमीनी हमले के बारे में लिखा, 'यह शनिवार शांति से नहीं गुजरेगा। इसे याद रखा जाएगा। इसे हमेशा याद रखा जाएगा।'

सैनिक

पश्चिम एशिया में लगातार तैनाती बढ़ा रहा अमेरिका

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, अमेरिका पश्चिम एशिया में 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। इससे पहले खबर आई थी कि अमेरिकी सेना कुछ दिनों में 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कम से कम 1,000 सैनिकों को पश्चिम एशिया में तैनात करने की तैयारी कर रही है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका खार्ग, अबू मूसा लारक और 2 अन्य द्वीपों पर कब्जे की योजना बना रहा है।

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