ईरान परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका से बातचीत को तैयार, लेकिन रखी ये बड़ी शर्त
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच बीते कुछ महीनों से जारी तनाव के बीच ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए तैयार है, तो वे भी अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते पर सहमत हो जाएंगे। माजिद का ये बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका और ईरान में सैन्य तनातनी बढ़ती दिख रही है।CNN
बयान
माजिद बोले- अब गेंद अमेरिका के पाले में
माजिद ने कहा, "अगर वे ईमानदार हैं, तो मुझे यकीन है कि हम एक समझौते की ओर अग्रसर होंगे। अगर प्रतिबंधों में राहत का प्रस्ताव भी रखा जाता है तो तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने पर चर्चा करने को तैयार है। अब यह जिम्मेदारी अमेरिका पर है कि वे समझौता करना चाहते हैं या नहीं। शून्य संवर्धन का मुद्दा अब कोई मुद्दा नहीं है। जहां तक ईरान का सवाल है, यह अब चर्चा का विषय नहीं है।"
अमेरिका का बयान
रुबियो ने कहा- ईरान को परमाणु हथियार की अनुमति नहीं देंगे
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, "अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा। इससे दुनिया और क्षेत्र दोनों की सुरक्षा को खतरा होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब भी बातचीत और समझौते के पक्ष में हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई से मिलने के लिए तैयार हैं।"
समझौता
2015 में ईरान ने किया था परमाणु समझौता
ईरान ने 2015 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के 5 स्थायी सदस्यों के साथ परमाणु संधि की थी। इसके तहत ईरान ने आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को कम करने और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण की अनुमति दी थी। इसके बाद ईरान के यूरेनियम संवर्धन स्तर को 3.67 प्रतिशत तक और यूरेनियम भंडार को घटाकर 300 किलोग्राम कर दिया गया था। हालांकि, 2018 में ट्रंप इस समझौते से एकतरफा तरीके से हट गए थे।
वार्ता
अगले हफ्ते जिनेवा में होगी ईरान-अमेरिका वार्ता
CNN के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का दूसरा दौर अगले हफ्ते जिनेवा में होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के इसमें शामिल हो सकते हैं। इससे पहले ट्रंप ने कहा, "हमें एक समझौता करना होगा, अन्यथा यह ईरान के लिए बेहुत ही दर्दनाक होगा और मैं ऐसा नहीं होने देना चाहता। अगर वे समझौता नहीं करते हैं, तो स्थिति कुछ और ही होगी।"