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अमेरिका-ईरान के बीच जेनेवा में होगी बातचीत, रुबियो बोले- ट्रंप खामेनेई से मिलने को तैयार
अमेरिका और ईरान के बीच जेनेवा में अगले दौर की वार्ता होगी

अमेरिका-ईरान के बीच जेनेवा में होगी बातचीत, रुबियो बोले- ट्रंप खामेनेई से मिलने को तैयार

लेखन आबिद खान
Feb 15, 2026
11:38 am

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। अब दोनों देश अगले हफ्ते स्विट्जरलैंड के जेनेवा में परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता का दूसरा दौर शुरू करने जा रहे हैं। इस वार्ता की मेजबानी ओमान करेगा, जिसने 6 फरवरी को आयोजित अप्रत्यक्ष चर्चाओं के पहले दौर की भी मेजबानी की थी। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के पास हर हाल में परमाणु हथियार नहीं हो सकते।

बयान

रुबियो बोले- खामेनेई बोलें तो कल मिलने को तैयार ट्रंप

रुबियो ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई से मिलने के लिए तैयार हैं। ईरान के साथ समझौता उनकी प्राथमिकता है। मुझे पूरा यकीन है कि अगर अयातुल्ला ने कल कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप से मिलना चाहते हैं तो राष्ट्रपति उनसे मिलेंगे। वे मुलाकात इसलिए नहीं करेंगे कि वे खामेनेई से सहमत हैं, बल्कि उन्हें लगता है कि दुनिया की समस्याओं को इसी तरह हल किया जा सकता है।

बड़ी बातें

किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार की अनुमति नहीं- रुबियो

रुबियो ने कहा, "अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा। इससे दुनिया और क्षेत्र दोनों की सुरक्षा को खतरा होगा। ट्रंप अब भी बातचीत और समझौते के पक्ष में हैं। जल्द बातचीत हो सकती है। इसमें अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुश्नर भी शामिल हो सकते हैं। राष्ट्रपति की पहली पसंद समझौते से समाधान निकालना है। ट्रंप का मानना है कि सीधी वार्ता ही झगड़ों को सुलझाने का सही तरीका है।"

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सहमति

ट्रंप-नेतन्याहू ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने पर सहमत

ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में बैठक हुई। इसमें ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने को लेकर सहमति बनी। दोनों का मानना है कि ईरान के 80 प्रतिशत से ज्यादा तेल चीन खरीदता है। अमेरिका चीन पर दबाव बनाना चाहता है, ताकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर नरम रुख अपनाए। अधिकारियों का कहना है कि ईरान के खिलाफ 'अधिकतम दबाव' की नीति परमाणु बातचीत के साथ-साथ जारी रहेगी।

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तैनाती

मध्य-पूर्व में तैनाती बढ़ा रहा अमेरिका

अमेरिका एक ओर ईरान से बातचीत कर रहा है, तो दूसरी ओर मध्य-पूर्व में लगातार सैन्य तैनाती भी बढ़ा रहा है। अमेरिका ने हाल ही में दुनिया के सबसे बड़ी एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड आर फोर्ड को कैरिबियन से हटाकर मध्य-पूर्व में तैनात किया है। ट्रंप ने कहा था कि ईरान के नेतृत्व में बदलाव सबसे अच्छी बात होगी। वहीं, ईरान का कहना है कि वो किसी भी हमले का जवाब देगा।

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