ईरान विदेश भेजेगा परमाणु भंडार, 7 दिन में खुलेगा होर्मुज; समझौते की कथित शर्तें आईं सामने
क्या है खबर?
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत शुरू करने और युद्धविराम को लेकर नए समझौते से जुड़ी कुछ जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए एक शुरुआती मसौदा तैयार हो चुका है। इसमें प्रस्ताव है कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को किसी तीसरे देश में शिफ्ट कर सकता है या यूरेनियम संवर्धन स्तर को कम कर सकता है।
रिपोर्ट
दोहा में हो सकती है वार्ता
अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रूपरेखा में दोनों पक्षों के बीच प्रारंभिक सहमति बनने के 7 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का भी प्रस्ताव है।
प्रारंभिक प्रस्तावों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत इस्तांबुल के बजाय दोहा में हो सकती है।
वहीं, चीन किसी भी समझौते के कार्यान्वयन और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए गारंटर के रूप में काम कर सकता है।
अमेरिका
प्रस्तावित समझौते में ये उपाय भी शामिल
इस प्रस्ताव में ईरान और अमेरिका द्वारा पारस्परिक कदमों की परिकल्पना भी की गई है। इनमें परमाणु गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा पर ईरानी उपायों के साथ-साथ प्रतिबंधों, नाकाबंदी और अन्य आर्थिक प्रतिबंधों को कम करने के लिए अमेरिका द्वारा परिभाषित कार्रवाई की जाएगी।
प्रस्ताव के तहत, एक स्वतंत्र सत्यापन तंत्र भी विकसित किया जाएगा, ताकि यह आकलन किया जा सके कि समझौते के हर चरण में दोनों पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रहे हैं या नहीं।
हमला
बातचीत के बावजूद ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका
खबर है कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया में सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। पिछले एक हफ्ते में 10 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य मालवाहक विमान इजरायल पहुंचे हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी व्हाइट हाउस में अमेरिकी सेना के पश्चिम एशिया कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर से मुलाकात की है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, कूपर ने ईरान पर संभावित हमले के विकल्पों की जानकारी दी। इस दौरान रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन भी थे।
अन्य देश
खाड़ी देशों में भी पहुंचे अमेरिका के विमान
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका के कई सैन्य विमान सऊदी अरब, कतर, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी उतरे हैं। इनमें से ज्यादातर टेक्सास के बिग्स आर्मी एयरफील्ड से रवाना हुए थे।
इन विमानों में क्या लाया गया, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
ये भी खबर है कि अमेरिका और इजरायल 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर नए सिरे से हमले करने की योजना बना रहे हैं।