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सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा मुक्त दिवाली के लिए सुझाव दिया, कहा- विराट कोहली से कराओ प्रचार 
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा मुक्त दिवाली के लिए विराट कोहली की मदद लेने का सुझाव दिया

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखा मुक्त दिवाली के लिए सुझाव दिया, कहा- विराट कोहली से कराओ प्रचार 

लेखन गजेंद्र
Oct 30, 2026
12:43 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दौरान पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया, लेकिन सुझाव दिया कि वे प्रचार-प्रसार के जरिए लोगों में जागरूकता बढ़ा सकते हैं। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की पीठ ने पटाखों से होने वाले प्रदूषण और पटाखों के विनियमितिकरण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि जागरूकता के लिए क्रिकेटर विराट कोहली जैसी जानी-मानी हस्तियों को शामिल किया जा सकता है।

सुनवाई

पीठ ने क्या कहा?

पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा, "आप विराट कोहली या किसी और मशहूर क्रिकेटरों से मदद ले सकते हैं। आप उनसे एक सेगमेंट बनाने का अनुरोध कर सकते हैं जिससे हम इस दिवाली को मज़ेदार बना सकें। आइए हम रोशनी के त्योहार की भावना का आनंद लें।"

पीठ ने कहा, "हम जनता की भावना भी समझते हैं। कोई जश्न मनाना चाहता है... इसलिए, पूरी तरह प्रतिबंध के पक्ष में नहीं। अगर आदेश लागू नहीं होते तो वे मजाक बन जाते हैं।"

मामला

पिछले साल हरित पटाखों की दी थी अनुमति

कोर्ट ने गुरुवार को 2015 के एक केस की सुनवाई की थी, जिसमें उसने अक्टूबर से जनवरी के बीच दिल्ली और वायु प्रदूषण से प्रभावित दूसरे उत्तर भारतीय राज्यों में पटाखों पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।

दिल्ली में पटाखों पर पहले से प्रतिबंध था, लेकिन 2025 में दिवाली के त्योहार के दौरान कुछ समय के लिए हरित पटाखों की बिक्री और फोड़ने की इजाजत परीक्षण के तौर पर दी थी।

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विरोध

पटाखों के पक्ष और विपक्ष में तर्क

याचिकाकर्ता गोपाल शंकरनारायणन ने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करते हुए कहा कि प्रदूषण जीवन के अधिकार के लिए खतरा है। उन्होंने उद्योग में बाल मज़दूरी और स्टोरेज नियमों के उल्लंघन पर भी ध्यान दिलाया।

पटाखा बनाने वालों की तरफ से वकील जे साई दीपक ने कहा कि पूरी तरह प्रतिबंध बेअसर है और इससे कालाबाजारी, चीनी पटाखों की तस्करी और बिना लाइसेंस वाले उत्पाद की बिक्री को बढ़ावा मिला है।

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