अमेरिका के 50 लड़ाकू विमान मध्य-पूर्व रवाना, क्या होने जा रहा है ईरान से युद्ध?
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब अमेरिकी सेना ने 50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों को मध्य-पूर्व में तैनात किया है। खबरों के अनुसार, यह घटनाक्रम जिनेवा में दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की परमाणु वार्ता के बाद हुआ है। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा और सैन्य हलचल पर नजर रखने वाले संगठनों ने कहा है कि कई F-22, F-35 और F-16 विमान मध्य-पूर्व की ओर जाते हुए रिकॉर्ड किए गए हैं।
कैरियर स्ट्राइक
अमेरिका के 2 कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भी मध्य-पूर्व में
तनाव के बीच अमेरिका के 2 कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भी मध्य-पूर्व की ओर मोड़े गए हैं। इनमें से एक USS अब्राहम लिंकन को ईरानी तट से 700 किलोमीटर दूर ट्रैक किया गया है। वहीं, दूसरा USS जेराल्ड आर फोर्ड कैरिबियन से रवाना होकर अटलांटिक सागर के मध्य में पहुंच चुका है और मध्य-पूर्व की ओर बढ़ रहा है। अगले 4-5 दिन में ये ईरान पहुंच जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि फोर्ड के साथ 3 गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर भी हैं।
युद्धाभ्यास
ईरान ने शुरू किया युद्धाभ्यास
ईरान ने 'स्मार्ट कंट्रोल ऑफ द स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' नामक युद्धाभ्यास शुरू किया है। इसके तहत दुनिया के अहम तेल मार्गों में से एक हॉर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। ईरानी न्यूज एजेंसियों के मुताबिक, फारस की खाड़ी में मिसाइल परीक्षण किए गए। इस दौरान कुछ घंटों के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया गया। बता दें कि हार्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है।
रूस
रूस और चीन ने हॉर्मुज में भेजे युद्धपोत
तनाव के बीच रूस ने अपनी नौसेना टुकड़ी 'स्टोइकी' को ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर भेजा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सलाहकार निकोलाई पत्रुशेव ने एक रूसी अखबार को बताया कि रूस पश्चिमी दबदबे के खिलाफ समुद्रों पर एक बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था बनाने के लिए काम कर रहा है। वहीं, चीन ने भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अपने युद्धपोत भेजे हैं। इस कदम को अमेरिका के खिलाफ एकता दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है।
वार्ता
दूसरे दौर की वार्ता में क्या हुआ?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा, "'गाइडिंग प्रिंसिपल्स' पर आम सहमति बन गई है और इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर हम एक मसौदा लिखना शुरू करेंगे। अब हमारे पास आगे बढ़ने का एक स्पष्ट मार्ग है, जो सकारात्मक है। यह काम तुरंत पूरा नहीं होगा, लेकिन ईरान इसे आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।" वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, "बातचीत के कुछ हिस्से सकारात्मक रहे, लेकिन कई अहम मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बनी है।"
बयान
ट्रंप बोले- ईरान समझदारी दिखाए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से परमाणु समझौते की वार्ता के अगले दौर में समझदारी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं उन वार्ताओं में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहूंगा। यह बहुत महत्वपूर्ण होगा। ईरान एक सख्त वार्ताकार है, लेकिन मैं कहूंगा कि वे खराब वार्ताकार हैं, क्योंकि हम उनके परमाणु क्षमता को नष्ट करने के लिए B-2 बमवर्षक विमान भेजने के बजाय एक समझौता कर सकते थे। मुझे उम्मीद है कि वे अधिक तर्कसंगत होंगे।"