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रूस में बढ़ा प्लेग का खौफ, प्रयोगशाला कर्मचारी की मौत के बाद क्या-क्या कदम उठाए गए?
रूस में बढ़ा प्लेग का खौफ

रूस में बढ़ा प्लेग का खौफ, प्रयोगशाला कर्मचारी की मौत के बाद क्या-क्या कदम उठाए गए?

Oct 05, 2026
01:33 pm

क्या है खबर?

रूस के साइबेरियाई क्षेत्र इर्कुत्स्क में एक प्रयोगशाला कर्मचारी की संदिग्ध न्यूमोनिक प्लेग से मौत के बाद स्वास्थ्य अधिकारी अलर्ट पर हैं। वर्तमान में 200 लोगों को कड़ी चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। शेलेखोव में स्थित इर्कुत्स्क एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ साइबेरिया एंड द फार ईस्ट की एक 28 वर्षीय महिला प्रयोगशाला कर्मचारी की मौत अज्ञात कारणों से हुए न्यूमोनिया के चलते हुई है। रूस की राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी रोसपोट्रेबनादजोर इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

उपचार

महिला कर्मचारी को कब कराया गया था अस्पताल में भर्ती?

महिला को गंभीर न्यूमोनिया के लक्षणों के साथ मंगलवार को शेलेखोव के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

हालत बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां गुरुवार को उसकी मौत हो गई।

रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने अस्पताल स्टाफ को बताया था कि काम के दौरान उससे गलती से एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी, जिसमें न्यूमोनिक प्लेग का रोगजनक जीवाणु 'येर्सिनिया पेस्टिस' मौजूद था।

यह बैक्टीरिया आमतौर पर छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सू में पाया जाता है।

जानकारी

कार्य के दौरे से वापस आने की भी चर्चा

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि महिला हाल में एक आधिकारिक कार्य यात्रा से लौटी थी, जिसके बाद वह बीमार पड़ी। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने अभी तक प्लेग के कारण ही मौत महिला की मौत की पुष्टि नहीं की है।

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कार्रवाई

गवर्नर ने आपातकालीन बैठक बुलाई

इस मामले को देखते हुए इर्कुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने क्षेत्रीय महामारी विरोधी अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलाई है।

एक विशेष पैनल द्वारा जांच किए जाने तक शेलेखोव जिला अस्पताल को क्वारंटीन कर दिया है। महिला के संपर्क में 197 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है, जिनमें से 100 अस्पताल के वार्डों में भर्ती हैं।

गवर्नर कोबजेव ने कहा, "सभी संपर्क में आए लोगों को निगरानी में रखा गया है और उनकी जांच रिपोर्ट नकारात्मक है।"

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हालात

इर्कुत्स्क और शेलेखोव में स्वच्छता और महामारी स्थिति है स्थिर

रोसपोट्रेबनादजोर ने रविवार को पुष्टि की है कि इर्कुत्स्क और शेलेखोव में स्वच्छता और महामारी विज्ञान की स्थिति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।

एजेंसी द्वारा किए गए व्यापक परीक्षणों में मृतक मरीज के प्रयोगशाला काम से संबंधित कोई भी घातक रोगजनक नहीं पाया गया है।

हालांकि, एजेंसी ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि महिला का न्यूमोनिया किसी अन्य बीमारी के कारण था या वह इस बीमारी की चपेट में कैसे आई।

जानकारी

अन्य संक्रमण भी मिले

मृतक के संपर्क में आए लोगों की जांच में 2 लोगों में कोरोना वायरस और 2 लोगों में राइनोवायरस के संक्रमण मिले हैं। हालांकि, मरीज की मौत से इनका कोई सीधा संबंध है या नहीं, इस संबंध में अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है।

बीमारी

क्या होता है प्लेग?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, प्लेग 'येर्सिनिया पेस्टिस' नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाली एक संक्रामक बीमारी है। ब्यूबोनिक प्लेग पिस्सुओं के काटने से इंसानों में फैलता है। इसमें पीड़ित के लिम्फ नोड्स में सूजन आती है, जिसे 'ब्यूबोस' कहा जाता है।

न्यूमोनिक प्लेग घातक और उग्र रूप है। यह सांस की बूंदों के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में बहुत तेजी से फैल सकता है। शुरुआती चरण में पता न चलने पर यह जानलेवा साबित होता है।

जांच

महिला प्रयोगशालाकर्मी में संक्रमण होने की नहीं हुई पुष्टि

फिलहाल, मृत प्रशोगशालाकर्मी के अज्ञात कारण से हुए निमोनिया की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है। यह भी अनिश्चित है कि क्या उन्हें किसी प्रकार का प्लेग हुआ था।

एक्सियोस ने बताया कि व्हाइट हाउस शोधकर्ता की मौत और रूसी अधिकारियों द्वारा उठाए गए आपातकालीन क्वारंटाइन उपायों से संबंधित रिपोर्टों पर नजर रख रहा है।

ट्रंप प्रशासन ने कहा कि वे महामारी के बारे में जानते हैं, इसकी निगरानी कर रहे हैं और विकल्पों का आकलन कर रहे हैं।"

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