
भारत की ना के बाद कश्मीर पर मध्यस्थता से ट्रंप का इनकार, पाक को बड़ा झटका
क्या है खबर?
भारत के इनकार के बाद कश्मीर मामले में मध्यस्थता करना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे में शामिल नहीं है।
अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने अमेरिकी टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया था कि अगर भारत और पाक को मंजूर हो तो वह कश्मीर मामले में मध्यस्थता के लिए तैयार हैं।
भारत ने इससे इनकार किया था इसलिए ट्रंप का प्रस्ताव अब खत्म हो चुका है।
झटका
पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है यह बयान
पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय दखल की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप के बयान को पाकिस्तानी सरकार ने अपने देश में अपनी जीत के तौर पर पेश किया था।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने के बाद पाकिस्तान इस मामले को UN और UNSC में ले जाना चाहता था, लेकिन यहां से भी पाकिस्तान को निराशा हाथ लगी है।
अब पाकिस्तान के रास्ते चारों ओर से बंद नजर आने लगे हैं।
मध्यस्थता का प्रस्ताव
इमरान खान के अमेरिकी दौरे के दौरान कही थी मध्यस्थता की बात
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बीते दिनों दावा किया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कश्मीर पर मध्यस्थता करने को कहा था।
ट्रम्प ने ये बात पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मौजूदगी में कही जो अमेरिका के 3 दिवसीय दौरे पर थे।
हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस दावे को झूठा बताते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया।
भारत हमेशा कश्मीर पर मध्यस्थता के खिलाफ रहा है
बयान
इमरान ने कहा- अमेरिका कर सकता है विवाद का समाधान
इमरान खान ने कहा था, "अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है। वो उपमहाद्वीप में शांति लाने में अहम योगदान दे सकता है। उपमहाद्वीप में 125 करोड़ लोग हैं, जिन्हें कश्मीर के मुद्दे पर बंधक बनाया हुआ है।"
इमरान के अनुसार, अमेरिका दोनों देशों को पास ला सकता है।
इमरान ने कहा था कि उन्होंने अपनी ओर से कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ वार्ता की भरपूर कोशिश की है, लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला।
डोनाल्ड ट्रंप
इस महीने फिर कही थी मध्यस्थता की बात
डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में एक बार फिर कश्मीर मामले में मध्यस्थता करने की बात कही थी।
ट्रंप ने कहा था कि अगर भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चाहें तो वो इस मामले में सहयोग करने को तैयार हैं।
उन्होंने ये भी कहा था कि इसको लेकर उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों से बात की है।
ट्रंप ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निर्भर करता है कि क्या वे इस सहयोग को स्वीकार करेंगे।
जानकारी
दोनों देश चाहे तो मैं मध्यस्थता को तैयार- ट्रंप
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो कश्मीर का मुद्दा सुलझाना चाहते हैं तो उन्होंने कहा, "अगर मैं ऐसा कर सकूं तों, अगर वो ऐसा चाहते हैं तो मैं मध्यस्थता करुंगा।" ट्रंप ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा लंबे समय से चल रहा है।