कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को UNSC से निराशा

दुनिया

13 Aug 2019

जम्मू-कश्मीर मुद्दा लेकर UNSC गए पाकिस्तान को झटका, अध्यक्ष देश ने बताया द्विपक्षीय मामला

जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दखल चाह रहे पाकिस्तान को एक और झटका लगा है।

पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर से भारत द्वारा विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के फैसले के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अपील की थी।

इस पर UNSC के मौजूदा अध्यक्ष देश पोलैंड ने कहा कि यह द्विपक्षीय मामला है और दोनों देशों को मिलकर इसका हल निकालना चाहिए।

भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में आई तल्खी पर पोलैंड का यह पहला बयान है।

भारत का पक्ष

भारत के समर्थन में आया रूस

भारत के समर्थन में आया रूस

पोलैंड से पहले UNSC के स्थायी देश रूस ने इस मामले में भारत का साथ दिया था।

रूस ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने के फैसले को भारत के संविधान के दायरे के भीतर लिया गया कदम बताया था।

पोलैंड के बयान के बाद पाकिस्तान द्वारा UNSC में कश्मीर मुद्दा उठाने पर कुछ समय के लिए रोक लग गई है।

इस महीने UNSC की अध्यक्षता पोलैंड के पास है। अगले महीने यह दूसरे सदस्य देश के पास होगी।

बातचीत

जयशंकर ने की थी पोलैंड के विदेश मंत्री से बात

भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने विदेशी उच्चायुक्तों को इसकी जानकारी दी थी।

वहीं बीते गुरुवार विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री से बात की थी।

भारत में पोलैंड के राजदूत ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि पोलैंड को उम्मीद है कि दोनों देश एक फायदेमंद समाधान के लिए काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि वह इस मामले में बातचीत के हिमायती हैं।

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भारत का पक्ष

जयशंकर ने बताया था भारत का आंतरिक मामला

जयशंकर ने 8 अगस्त को पोलैंड में अपने समकक्ष को फोन कर अनुच्छेद 370 हटाने के बारे में जानकारी दी थी।

जयशंकर ने कहा कि यह कदम भारत का आंतरिक मामला' है और इसे खासतौर पर आतंक के खिलाफ इलाके की सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

पोलैंड विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, जयशंकर ने बताया कि यह अस्थायी व्यवस्था को खत्म करने और इलाके में विकास के मौकों को बढ़ाने के लिए किया गया फैसला है।

कश्मीर पर तीसरे पक्ष की दखल नहीं चाहता भारत

पोलैंड का यह बयान भारत के उस रूख से मेल खाता है, जिसमें भारत ने कश्मीर को हमेशा द्विपक्षीय मामला बताया है। भारत मानता है कि कश्मीर दोनों देशों के बीच का मुद्दा है और वह इस मामले में तीसरे पक्ष की दखल नहीं चाहता।

संयुक्त राष्ट्र

UN ने कही थी द्विपक्षीय हल की बात

जम्मू-कश्मीर मामले को संयुक्त राष्ट्र में उठाने की पाकिस्तान की कोशिशों को पहले ही झटका लग चुका है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने इस मुद्दे पर दोनों देशों से 'अधिकतम संयम' बरतने की अपील करते हुए कहा कि कश्मीर मामला द्विपक्षीय है और इसे शिमला समझौते के तहत शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए।

गुटरेस के प्रवक्ता ने कहा कि महासचिव इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र

स्थिति खराब करने वाले कदम उठाने से बचें दोनोें पक्ष- UN

बयान में आगे कहा गया है कि महासचिव ने कश्मीर में भारत की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों पर चिंता जाहिर की है, जो इलाके में मानवाधिकारों की स्थिति को खराब कर सकते हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने सभी पक्षों से ऐसे कदम उठाने से बचने को कहा है जो जम्मू-कश्मीर की स्थिति तो खराब कर सकते हैं।

आपको बता दें कि पाकिस्तान ने UN और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से दखल देने की मांग की थी।

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