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अमेरिकी हमले में ईरान के 168 स्कूली बच्चों की मौत, क्या ये युद्ध अपराध माना जाएगा?
स्कूल पर हमले में मारे गए बच्चों को सामूहिक कब्रों में दफनाया गया था

अमेरिकी हमले में ईरान के 168 स्कूली बच्चों की मौत, क्या ये युद्ध अपराध माना जाएगा?

लेखन आबिद खान
Mar 12, 2026
05:35 pm

क्या है खबर?

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमलों की शुरुआत की थी। इस दौरान एक अमेरिकी मिसाइल मीनाब के शजारेह तैयबा स्कूल पर जाकर गिरी थी। इस हमले में 168 बच्चे और 14 शिक्षक मारे गए थे। मरने वालों में ज्यादातर छात्राएं थीं। इस हमले की पूरी दुनिया में खूब निंदा की गई थी। अमेरिका भी मामले की जांच कर रहा है। समझते हैं कि क्या ये युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

कानून

क्या कहता है कानून?

इस मामले में मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) लागू होता है। कानून के 'भेदभाव' सिद्धांत के तहत, हमलों के दौरान सैन्य लक्ष्यों और नागरिक वस्तुओं के बीच अंतर करना आना चाहिए। स्कूलों को 'नागरिक वस्तु' माना जाता है, जब तक कि उनका उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए न किया जा रहा हो। ये कानून 'आनुपातिकता' पर भी जोर देता है। यानी अगर सैन्य लाभ की तुलना में नागरिकों को ज्यादा नुकसान हो रहा है, तो हमला गैरकानूनी है।

हमला

क्या स्कूल पर हुआ हमला युद्ध अपराध के दायरे में आएगा?

यहां सबसे बड़ा पहलू यह है कि क्या स्कूल को जानबूझकर निशाना बनाया गया था? अगर यह साबित होता है कि स्कूल पर जानबूझकर हमला किया गया था, तो इसे युद्ध अपराध माना जाएगा। हालांकि, अगर अमेरिका ये कहे कि एहतियाती उपायों के बावजूद हमला एक अनजाने में हुई गलती के चलते हुआ है, तो इसे कानूनी रूप से युद्ध अपराध घोषित करना मुश्किल हो सकता है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही फैसला लिया जा सकेगा।

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जांच

जांच में खुलासा- हमले के लिए अमेरिका ही जिम्मेदार

अमेरिकी सैन्य जांच में सामने आया है कि स्कूल पर हमले के लिए अमेरिका ही जिम्मेदार है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टॉमहॉक मिसाइल से स्कूल को निशाना बनाया गया, लेकिन अमेरिकी सेना स्कूल के पास के एक सैन्य अड्डे पर हमला कर रही थी। ये कथित गलती इसलिए हुई, क्योंकि पहले स्कूल और सैन्य अड्डा एक ही परिसर में थे। जांच में सामने आया कि सेना ने पुराने डेटा के आधार पर स्कूल को सैन्य ठिकाना समझ लिया।

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अमेरिका

घटना पर अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि घटना की जांच चल रही है। अमेरिकी केंद्रीय कमान के एक प्रवक्ता ने भी जांच जारी होने का हवाला देते हुए प्रारंभिक निष्कर्षों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें उन रिपोर्टों की जानकारी नहीं है, जिनमें यह सुझाव दिया गया था कि इस घातक हमले के लिए अमेरिका जिम्मेदार था। इससे पहले ट्रंप ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया था।

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