क्या नोबेल विजेता किसी और को दे सकता है अपना पुरस्कार, क्या कहते हैं नियम?
क्या है खबर?
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दे दिया है। मचाडो ने वेनेजुएला के भविष्य पर चर्चा के लिए व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी। इसी दौरान उन्होंने अपना नोबेल पुरस्कार ट्रंप को दे दिया। मचाडो को पिछले साल वेनेजुएला में लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई के लिए शांति का नोबेल मिला था। आइए जानते हैं क्या नोबेल साझा या ट्रांसफर किया जा सकता है।
नियम
क्या कहते हैं नियम?
नॉर्वेजियन नोबेल समिति द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, एक बार पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद इसे रद्द नहीं किया जा सकता, साझा नहीं किया जा सकता या अन्य को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। एक बार विजेता का चयन आखिरी होता है और हमेशा के लिए मान्य रहता है। हालांकि, पदक का स्वामित्व बदल सकता है, लेकिन विजेता की उपाधि नहीं बदलती। यानी पदक किसी को दिया जा सकता है, लेकिन विजेता का नाम नहीं बदलता।
पिछली घटनाएं
क्या पहले कभी ऐसा हुआ है?
2021 में रूस के पत्रकार दिमित्री मुरातोव को मारिया रेसा के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। हालांकि, अगले ही साल उन्होंने अपना पदक यूक्रेन युद्ध के शरणार्थियों की मदद के लिए नीलाम कर दिया था। तब उनका पदक 936 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ था, जो अब तक के किसी नोबेल पदक की सबसे बड़ी नीलामी राशि है। इस घटनाक्रम में भी केवल पदक नीलाम हुआ था।
वापसी
क्या विजेता से पुरस्कार वापस लिया जा सकता है?
नोबेल शांति पुरस्कार को वापस लेना संभव नहीं है। न तो अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत में और न ही नोबेल फाउंडेशन के नियम में ऐसी किसी स्थिति का जिक्र है। नोबेल फाउंडेशन के नियमों के अनुच्छेद 10 के अनुसार, "पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था द्वारा पुरस्कार दिए जाने के संबंध में लिए गए निर्णय के विरुद्ध कोई अपील नहीं की जा सकती।" नोबेल समिति पुरस्कार दिए जाने के बाद विजेता के कामों और बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करती है।
ट्रंप
तो क्या ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार विजेता हो गए हैं?
नहीं। नोबेल शांति पुरस्कार ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। ये एक आधिकारिक सम्मान है, जो सिर्फ नॉर्वेजियन नोबेल समिति देती है। ट्रंप ने केवल पदक स्वीकार किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिल गया है। नोबेल शांति पुरस्कार दस्तावेजों और रिकॉर्ड में हमेशा मचाडो के नाम पर ही रहेगा। ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नहीं कहलाएंगे। हालांकि, ऐसा कर ट्रंप ने कोई नियम नहीं तोड़ा है।
मांग
कई बार नोबेल पुरस्कार की मांग कर चुके हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार खुद को नोबेल देने की मांग करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वे 8 युद्ध रुकवा चुके हैं, इसलिए उन्हें पुरस्कार मिलना चाहिए। ट्रंप ने यहां तक कह दिया था कि उन्हें पुरस्कार नहीं मिलना अमेरिका का अपमान होगा। पिछले साल ट्रंप को शांति के नोबेल के लिए पाकिस्तान, इजरायल, कंबोडिया, अजरबैजान और आर्मेनिया ने नामित किया था। साथ ही रवांडा और गैबॉन ने भी ट्रंप के नामांकन का समर्थन किया था।