
आख़िर दवाई के पत्तों पर क्यों बनी होती है लाल रंग की पट्टी? जानिए उसका मतलब
क्या है खबर?
कई बार हम चीज़ें ख़रीदते समय उस पर बने निशानों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जिसका ख़ामियाज़ा हमें बाद में भुगतना पड़ता है।
हालाँकि, किसी भी चीज़ को ख़रीदते समय उस पर बने निशान को देखना ज़रूरी होता है, लेकिन दवाइयों के मामले में यह और भी ज़रूरी हो जाता है।
दवाई के पत्तों पर एक लाल रंग की पट्टी बनी होती है, जिसके रहस्य के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आइए जानें उसका मतलब क्या होता है।
सलाह
बिना डॉक्टर की सलाह के न ख़रीदें दवाएँ
दरअसल, ज़्यादातर लोग जब बीमार पड़ते हैं, तो डॉक्टर के पास जाने की बजाय वो सीधे मेडिकल स्टोर पर जाते हैं और अपनी परेशानी के बारे में आधी-अधूरी जानकारी देकर दवाएँ ख़रीद लेते हैं।
कई बार इससे बीमारी ठीक हो जाती है, लेकिन कई बार गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं।
इसलिए, जब भी आप किसी बीमारी से ग्रसित हों, तो सीधे मेडिकल स्टोर जाने की बजाय डॉक्टर के पास जाएँ और उनसे सलाह लेने के बाद ही दवाएँ ख़रीदें।
मतलब
दवाओं का गलत इस्तेमाल न हो, इसलिए लगाई जाती है लाल रंग की पट्टी
दवाई के पत्तों पर बनी लाल पट्टी के बारे में कम लोग जानते हैं, लेकिन डॉक्टरों को उसके बारे में अच्छे से पता होता है।
दवाइयों के पत्तों पर बनी लाल रंग की पट्टी का मतलब यह है कि बिना डॉक्टर के पर्ची के उस दवाई को नहीं बेचा जा सकता है और न ही उसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
एंटीबायोटिक दवाओं का गलत तरह से इस्तेमाल न हो, इसलिए दवाइयों पर लाल रंग की पट्टी लगाई जाती है।
सेवन
बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए Rx निशान वाली दवाओं का सेवन
लाल पट्टी के अलावा दवाइयों पर कई अन्य निशान भी बने होते हैं, जिनके बारे में जानना बहुत ज़रूरी है।
कुछ दवाइयों के पत्तों पर Rx लिखा होता है, जिसका मतलब होता है कि बिना डॉक्टर की सलाह के उस दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए।
इसके अलावा कुछ दवाइयों पर NRx लिखा होता है, इसका मतलब है कि उस दवाई को लेने की सलाह केवल वही डॉक्टर दे सकते हैं, जिनके पास नशीली दवाओं का लाइसेंस प्राप्त होता है।
निशान
दवाई पर बने निशानों पर ज़रूर दें ध्यान
वहीं, कुछ दवाएँ ऐसी भी हैं, जिनके पत्तों पर XRx लिखा होता है। इसका मतलब होता है कि वो दवाई मेडिकल स्टोर से नहीं बल्कि डॉक्टर के पास से ही ली जा सकती है।
इस दवा को डॉक्टर सीधे अपने मरीज़ को दे सकता है।
अगर डॉक्टर पर्ची में उस दवाई के बारे में लिख भी देता है, इसके बाद भी मेडिकल स्टोर से आपको वो दवाई नहीं मिल सकती है।
इसलिए, दवाएँ ख़रीदते समय निशानों पर ज़रूर ध्यान दें।