Loading...
लुधियाना: 6 साल की बच्ची ने कठिन योगासन करके बनाया राष्ट्रीय स्तर का रिकॉर्ड
बच्ची ने कठिन योगासन करके बनाया रिकॉर्ड (IBOR)

लुधियाना: 6 साल की बच्ची ने कठिन योगासन करके बनाया राष्ट्रीय स्तर का रिकॉर्ड

लेखन सयाली
Nov 06, 2026
10:25 am

क्या है खबर?

योग करने से शरीर की मुद्रा ठीक होती है और तनाव कम होने के साथ कई लाभ मिलते हैं। हालांकि, इस शारीरिक गतिविधि ने एक 6 साल की बच्ची को अच्छी सेहत के साथ-साथ एक राष्ट्रीय स्तर का रिकॉर्ड बनाने में भी मदद की है। पंजाब के लुधियाना की रहने वाली सारा संगर ने एक ऊंचे जिम्नास्टिक बैलेंस बीम पर सबसे लंबे समय तक बैठकर उपविष्ट कोणासन (सीटेड वाइड लेग) मुद्रा बनाए रखने वाले बच्चे का रिकॉर्ड कायम कर दिखाया।

रिकॉर्ड

कब दर्ज हुआ रिकॉर्ड?

सारा ने अपने इस कमाल के जरिए 'इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स' में अपना नाम दर्ज करवा लिया है। इस रिकॉर्ड की पुष्टि 3 अक्टूबर, 2026 को की गई थी।

उस वक्त सारा की उम्र सिर्फ 6 साल, 9 महीने और 18 दिन थी। सारा ने एक प्रकार का उपविष्ट कोणासन किया था।

इसमें अपने दोनों पैरों को बाहर की ओर फैलाकर बैठना होता है, जिससे एक चौड़ा 'V' आकार बनता है।

आसन

इस तरह मुद्रा को बनाया और चुनौतीभरा

आमतौर पर लोग इस आसन को जमीन पर करते हैं। हालांकि, सारा ने इसे अपने लिए और भी चुनौतीभरा बनाया था।

बच्ची ने इसे जिमनास्टिक्स में इस्तेमाल होने वाले एक ऊंचे 'बैलेंस बीम' पर किया। इस दौरान उसे बहुत ही संकरी सतह पर अपना संतुलन बनाए रखना था, जो काफी मुश्किल रहा।

हालांकि, सारा के हौंसले और समर्पण के आगे कोई भी कठिनाई टिक नहीं पाई। सारा ने अपनी मुद्रा 18 मिनट और 20 सेकंड तक बनाए रखी थी।

ADVERTISEMENT

योगासन

ऐसे किया जाता है उपविष्ट कोणासन

उपविष्ट कोणासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर सीधे बैठकर आपके पैरों को सामने की ओर सीधे करें और दोनों तरफ फैला लें।

अब अपने कंधों को झुकाने के बजाय अपनी पीठ को सीधा रखें, कूल्हों के पास से आगे की ओर झुकें और अपने हाथों को सामने की तरफ आगे बढ़ाएं।

अपने लचीलेपन की क्षमता के हिसाब से अपने हाथों या छाती के बल टिकें और इस मुद्रा में 5 से 10 बार स्थिर होकर सांस लें।

ADVERTISEMENT

फायदे

उपविष्ट कोणासन के फायदे

उपविष्ट कोणासन करने से जांघों के अंदरूनी हिस्से, हैमस्ट्रिंग, पिंडलियों, कमर के निचले हिस्से और कूल्हों में खिंचाव आता है। इसकी मदद से शरीर की मुद्रा बेहतर हो जाती है और पीठ सीधी रहती है।

यह पेट के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे पाचन स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है। साथ ही इसे करने से मन शांत रहता है और तनाव से आसानी से छुटकारा मिल जाता है।

ADVERTISEMENT