
विंबलडन 2023: डेनियल मेदवेदेव को हराकर कार्लोस अलकराज ने बनाई फाइनल में जगह
क्या है खबर?
दुनिया के नंबर एक पुरुष खिलाड़ी कार्लोस अलकराज ने शुक्रवार को तीसरी वरीयता प्राप्त डेनियल मेदवेदेव को 6-3, 6-3, 6-3 से हराकर विंबलडन 2023 के फाइनल में जगह बना ली है।
इस जीत के साथ अलकराज ओपन एरा (1968 से) में चौथे सबसे कम उम्र के फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ी (विंबलडन में) बन गए हैं।
अलकराज यहां फाइनल में पहुंचने वाले मैनुअल सैन्टाना और राफेल नडाल के बाद तीसरे स्पेनिश खिलाड़ी बने हैं।
सफर
विंबलडन 2023 में अलकराज का प्रदर्शन
अलकराज ने अपने शुरुआती 2 मैचों में फ्रांस के जेरेमी चार्डी और अलेक्जेंड्रे मुलर को सीधे सेटों में हराया था।
तीसरे दौर में उन्होंने 25वीं वरीयता प्राप्त निकोलस जैरी को 6-3, 6-7, 6-3, 7-5 से हराया। इसके बाद प्री क्वार्टर फाइनल में उन्होंने इटली के माटेओ बेरेटिनी को 3-6, 6-3, 6-3, 6-3 से हराया था।
क्वार्टर फाइनल में उन्होंने डेनमार्क के छठी वरीयता प्राप्त होल्गर रून को 7-6, 6-4, 6-4 को हराया था।
उपलब्धि
अलकराज ने हासिल की ये उपलब्धि
अलकराज ने मेदवेदेव के खिलाफ अपने विंबलडन सेमीफाइनल मैच में सिर्फ 9 गेम गंवाए।
ऑप्टा के अनुसार, 2016 में एंडी मरे के टॉमस बर्डिच के खिलाफ सिर्फ 9 गेम हारने के बाद से यह इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में गंवाए गए सबसे कम गेम हैं।
नडाल (4) और जोकोविच (2) के बाद अलकराज इस सदी के तीसरे पुरुष खिलाड़ी बने हैं, जिन्होंने 21 साल की उम्र से पहले एक से अधिक ग्रैंड स्लैम पुरुष एकल फाइनल में जगह बनाई है।
आंकड़े
अलकराज ने 2023 में अपनी 46वीं टूर-स्तरीय जीत हासिल की
अलकराज ने अब सीजन की अपनी 46वीं टूर-स्तरीय जीत पक्की कर ली है।
वह इस सीजन की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियन ओपन से चूक गए थे। इस साल ग्रैंड स्लैम में उनका जीत-हार का रिकॉर्ड 11-1 है। कुल मिलाकर ग्रैंड स्लैम में उनका जीत-हार का रिकॉर्ड 35-8 है, जिसमें विंबलडन में 10-2 शामिल है।
मेदवेदेव के खिलाफ यह अलकराज की दूसरी जीत है। वह उनके खिलाफ एक मुकाबला हार चुके हैं।
फाइनल
फाइनल में जोकोविच से भिड़ेंगे अलकराज
रविवार को फाइनल में अलकराज का मुकाबला सर्बिया के दिग्गज नोवाक जोकोविच से होगा।
इससे पहले जोकोविच ने पहले सेमीफाइनल में जैनिक सिनर को सीधे सेटों में हराकर अपने 35वें ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई थी। जोकोविच 9वीं बार विंबलडन फाइनल में पहुंचे हैं।
यदि इस बार सर्बियाई दिग्गज यह खिताब जीतने में सफल होते हैं, तो वह रोजर फेडरर की बराबरी कर लेंगे, जिन्होंने ओपन एरा में 8 विंबलडन खिताब जीते थे।