
#NewsBytesExplainer: राहुल गांधी क्यों छोड़ सकते हैं वायनाड सीट?
क्या है खबर?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' इन दिनों उत्तर प्रदेश में हैं। यहां कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन हो गया है।
खबर है कि राहुल आगामी चुनाव में उत्तर प्रदेश की किसी एक सीट से चुनाव लड़ सकते हैं, जबकि केरल की वायनाड जैसी सुरक्षित सीट छोड़कर वह कर्नाटक या तेलंगाना में दूसरी सीट चुनेंगे।
आइए विस्तार से जानते हैं कि ऐसी अटकलें क्यों लगाई जा रही हैं
केरल
केरल में कांग्रेस के लिए सीटों का बंटवारा करना मुश्किल
केरल में 20 लोकसभा सीटें हैं। कांग्रेस और वाम पार्टियां राज्य में एक-दूसरे की विरोधी हैं, लेकिन विपक्षी गठबंधन INDIA में सहयोगी हैं।
सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) ने 4 सीटें मांगी हैं।
दूसरी तरफ राज्य में कांग्रेस के यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) भी इस बार 2 की जगह 3 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
ऐसे में यहां सीट बंटवारा कांग्रेस के लिए गले की फांस बन गया है।
वायनाड
क्यों राहुल छोड़ सकते हैं वायनाड की सीट?
राहुल की वायनाड छोड़ने की पहली वजह ये है कि IUML ने इस सीट की मांग की है।
दूसरी वजह ये है कि INDIA गठबंधन की सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने इस सीट पर अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी।
CPI ने वायनाड सीट से पार्टी के महासचिव डी राजा की पत्नी एनी राजा को मैदान में उतारा है। ऐसे में ये अच्छा नहीं रहेगा कि विपक्षी गठबंधन के एक प्रमुख नेता की पत्नी के खिलाफ राहुल चुनाव लड़ें।
हॉट सीट
क्यों है वायनाड सीट की इतनी मांग?
केरल की वायनाड सीट पर बड़ी तादाद में मुस्लिम मतदाता हैं, जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस वजह से IUMF इस सीट की मांग कर रही है और CPI ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी।
दोनों पार्टियां चाहती है कि राहुल वायनाड सीट उसके लिए छोड़ दें और किस अन्य सीट से चुनाव लड़े। उन्हें उम्मीद है कि कांग्रेस गठबंधन धर्म निभाएगी।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
केरल
पिछले चुनाव में क्या रहे थे नतीजे?
पिछले चुनाव में केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF गठबंधन ने 20 में से 19 सीटें जीतीं थी। कांग्रेस को 15, IUML को 2 और अन्य पार्टियों को 1-1 सीटें मिली थीं।
राहुल ने वायनाड सीट पर CPI उम्मीदवार पीपी सुनीर को हराकर 4.31 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया था और ये केरल में सबसे बड़ी जीत थी।
तब भी CPI ने 4 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीती थी।
जानकारी
कहां से चुनाव लड़ सकते हैं राहुल?
राहुल इस बार तेलंगाना या कर्नाटक की किसी एक सीट के अलावा उत्तर प्रदेश की रायबरेली या अमेठी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, ये अभी अटकलें ही हैं और कांग्रेस ने अभी इस पर कुछ भी नहीं कहा है।