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क्या टूटेगी TMC? 50 विधायकों ने की बैठक, दावा- 'असली TMC' को लेकर स्पीकर से मिलेंगे
TMC में बगावत की खबरें सामने आ रही हैं

क्या टूटेगी TMC? 50 विधायकों ने की बैठक, दावा- 'असली TMC' को लेकर स्पीकर से मिलेंगे

लेखन आबिद खान
Jun 02, 2026
04:11 pm

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। पार्टी से निकाले गए विधायक रिजु दत्ता ने दावा किया है कि 50 से ज्यादा विधायक खुद को असली TMC घोषित करने की तैयारी कर रहे हैं। रिजु ने ये भी कहा है कि आज ही ये सभी विधायक इस संबंध में विधानसभा स्पीकर से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।

बयान

दत्ता का दावा- 50 से ज्यादा विधायकों ने होटल में की बैठक

दत्ता ने दावा किया है कि विधायकों का एक बड़ा हिस्सा ऋतब्रता बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में समर्थन दे रहा है। उन्होंने कहा, "TMC के पास 80 विधायक हैं। इनमें से 50 से ज्यादा विधायकों की बैठक सोमवार दोपहर होटल में हुई। वे कह रहे हैं कि वे 'असली तृणमूल' हैं और वे अध्यक्ष को एक नई सूची सौंपेंगे, जिसमें कहा जाएगा कि विपक्ष का नेता अलग होगा।"

सांसद

कई TMC सांसद भी भाजपा में जाने की संभावना तलाश रहे- दावा

दत्ता ने कहा कि TMC के कई सांसद भाजपा में शामिल होने की संभावना तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा, "12 लोकसभा सांसदों और 6 राज्यसभा सांसदों ने भाजपा के साथ औपचारिक पंजीकरण करा लिया है। जहां तक ​​TMC के विधायकों की बात है, भाजपा फिलहाल उन्हें अपने साथ नहीं ले रही है, लेकिन वे हर दिन फोन करके कहते हैं कृपया हमारा पंजीकरण करा लीजिए, कृपया हमारा पंजीकरण करा लीजिए। मैं यह बात खुलेआम कह रहा हूं।"

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बैठक

कोलकाता में निलंबित विधायकों के नेतृत्व में हुए बैठक

TMC से निकाले गए विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने सोमवार शाम को कोलकाता में कई अन्य विधायकों के साथ बैठक की। दावा है कि इसमें ममता बनर्जी के कुछ वफादार विधायक भी शामिल हुए। दत्ता ने कहा, "हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है। लगभग 50 विधायक हमारे साथ हैं। चूंकि हम असली TMC हैं, इसलिए विपक्ष के नेता ऋतब्रता बंदोपाध्याय होंगे, न कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय। चूंकि हमारे पास बहुमत है, इसलिए पार्टी का चिन्ह भी हमें मिलना चाहिए।"

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विवाद

कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, TMC ने विपक्ष के नेता को लेकर शोभनदेब चट्टोपाध्याय का नाम आगे किया था। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय को विधायकों का सहमति पत्र भी सौंपा गया। दावा है कि इसमें कुछ विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी हैं या उनकी सहमति के बगैर लिए गए हैं। TMC विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने इसकी शिकायत स्पीकर से की थी। इसके बाद मामले की CID जांच कर रही है। वहीं, TMC ने इन दोनों को पार्टी से निकाल दिया है।

कानून

अब दलबदल कानून के बारे में जानिए

सवाल उठ रहा है कि क्या TMC छोड़ने पर बागी विधायकों पर दलबदल कानून लागू होगा? अगर TMC के कुल विधायकों में से दो तिहाई भाजपा में शामिल हों तो दलबदल कानून नहीं लगेगा। TMC के अभी 80 विधायक हैं। ऐसे में कम से कम 54 विधायकों को भाजपा में शामिल होना होगा। वहीं, अगर TMC में टूट होती है तो असली TMC का दावा करने के लिए भी 54 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।

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